नई दिल्ली। विविध भाषाओं में कई फिल्में बना चुके तेलुगू फिल्म अभिनेता-निर्माता डी. रामानायडू को भारतीय सिनेमा में उनके अमूल्य योगदान के लिए 2009 के दादा साहेब फाल्के पुरस्कार के लिए चुना गया है। यहां गुरूवार को यह घोषणा की गई। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए एक वक्तव्य के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी में अक्टूबर में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में 74 वर्षीय रामानायडू को यह पुरस्कार दिया जाएगा। उन्हें पुरस्कारस्वरूप एक स्वर्ण कमल, 10 लाख रूपये की नकद राशि और एक शॉल भेंट की जाएगी। रामानायडू ने 1963 में "अनुरागम" फिल्म से फिल्मी दुनिया में कदम रखा था। उन्होंने 110 फिल्मों का निर्माण किया, जिसके लिए उनका नाम गिनीज बुक में भी दर्ज है। उन्होंने हिंदी, बांग्ला, असमिया, मलयालम, तमिल, कन्ऩड, गुजराती, मराठी और भोजपुरी भाषाओं में फिल्में बनाई हैं। आंध्र प्रदेश सरकार ने उन्हें कई पुरस्कारों से नवाजा है। उनकी फिल्म "सुरिगाडू" 1993 में भारतीय पैनोरमा के लिए चयनित हुई थी। उनकी बांग्ला फिल्म "असुख" को भी 1999 का सर्वश्रेष्ठ फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। उनकी कुछ महत्वपूर्ण फिल्मों में हिंदी भाषा की "प्रेमनगर", "दिलदार" और "बंदिश", तेलुगू में "श्रीकृष्ण तुलाभरम", "प्रेमिंचु" और "रामुडू भीमुडू" व बांग्ला में "असुख" और "सुधू एकबार बोलो" शामिल हैं।
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डी. रामानायडू को दादा साहेब फाल्के सम्मान


