बेंगलुरू। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा और राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के प्रमुख के.एस. ईश्वरप्पा के बीच मंत्रिमंडल में प्रस्तावित फेरबदल को लेकर मतभेद उत्पन्न हो गया है।
दोनों नेताओं के बीच मतभेद खत्म करने के लिए रविवार को दूसरे दिन भी बीजेपी नेताओं ने बातचीत की। बैठक में मई 2008 में बने पार्टी के पहले मंत्रालय से मंत्रियों को बाहर और शामिल करने पर चर्चा हुई। पार्टी के राज्य इकाई प्रमुख ईश्वरप्पा मंत्रालय से करीब चार मंत्रियों को हटाने के पक्ष में हैं, जबकि मुख्यमंत्री तीन और मंत्रियों को शामिल करना चाहते हैं। ईश्वरप्पा ने बीजेपी के ब़डे नेताओं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद शनिवार को पत्रकारों को बताया, ""मंत्रालय से तीन या चार मंत्रियों को हटाया जा सकता है।"" उधर, मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने कहा कि मंत्रालय से किसी को बाहर करने का कोई विचार नहीं है। कर्नाटक मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री सहित 34 मंत्री हो सकते हैं क्योंकि तीन मंत्रियों द्वारा त्याग पत्र देने से मंत्रालय में तीन पद रिक्त हैं। उल्लेखनीय है कि चिकित्सा शिक्षा मंत्री रामचंद्र गौ़डा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री एच. हलप्पा एस. एन. कृष्ण्ौया शेट्टी विभिन्न आरोपों के मद्देनजर पहले ही मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे चुके हैं। शनिवार को हुई बैठक से पार्टी के महासचिव और दक्षिण बेंगलुरू से लोकसभा सदस्य अनंत कुमार अनुपस्थित थे। इससे महासचिव और मुख्यमंत्री के बीच मतभेद बढ़ने की अटकलें लगाई जाने लगीं। राज्य इकाई के प्रमुख ईश्वरप्पा और मुख्यमंत्री ने कहा है कि वे रविवार शाम तक मंत्रालय में बदलाव के निर्णय पर पहुंच जाएंगे और इसे केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी के लिए भेज देंगे।
भारत समाचार
मंत्रिमंडल में फरेबदल पर कर्नाटक में मतभेद


