नई दिल्ली। इस्पात मंत्रालय ने आज कहा कि भारत 2014 तक कच्चो इस्पात के उत्पाद में दुनिया के दूसरे स्थान पर पहुंच जाएगा। मंत्रालय ने कहा कि इस्पात क्षेत्र में निवेश की काफी योजनाएं है। मंत्रालय की ओर से जारी बयान में अनुसार जनवरी-अक्टुबर 2009 के दौरान देश के कच्चो इस्पात का उम्पाद 4677 करोड टन रहा है। भारत दुनिया का चौथा सबसे बडा इस्पात उत्पादक बन गया है। 2014 तक हम इस्पात उत्पादन में दूसरे स्थान पर पहुंच जाएंगे। मंत्रालय ने कहा कि 2012 तक कच्चो इस्पात की उत्पादन क्षमता 124 करोड टन पहुंच जाने की उम्मीद है। बयान में कहा गया है कि विभिन्न राज्यों 222 सहमति ज्ञापन एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए है। इनमें से ज्यादातर करार झारखंड, छत्तीसगढ, उडीसा और पश्चिम बंगाल में हुए है। इन परियोजना से 27.6 करोड टन उत्पादन की क्षमता और जुडेगी। बयान में कहा गया है कि वर्तमान रूख के मद्देनजर कहा जा सकता है कि राष्ट्रीय इस्पात नीति में इस्पात की खपत में सालाना सात प्रतिशत की वृद्धि का जो अनुमान लगाया गया है हम उसे पार पा जाएंगे। मंत्रालय ने कहा कि अगले पांच साल के दौरान इस्पात की मांग में औसत वृद्धि 10 प्रतिशत की रही 1991-92 से 2005-06 के दौरान इस्पात की मांग की वृद्धि दर औसतन सात प्रतिशत रही है । चालू वित्त वर्ष की अप्रैल से नवंबर की अवधि के दौरान तैयार इस्पात का उत्पादन 3896 करोड टन रहा है, जबकि पिदले वित वर्ष की इस अवधि में यह 4802 करोड टन रहा था।