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भारत समाचार

प्रत्यक्ष कर वसूली ढाई लाख करोड

नई दिल्ली। ऊंचे राजकोषीय घाटे से जुझ रही मनमोहन सरकार की चालू वित्त वर्ष के शुरूआती नौ महीनों में कुल प्रत्यक्ष कर वसूली ढाई लाख करोड रूपए से कु छ अधिक रही है जो कि पूरे साल के बजट अनुमान का करीब 68 प्रतिशत है। अप्रैल से दिसंबर 2009 की अवधि में कुल प्रत्यक्ष कर वसूली दो लाख 50 हजार करोड 232 करोड रूपए हुई है जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि रूपए हुई है। जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह> दो लाख 30 हजार 598 करोड रूपए रही थी।
यह वृद्वि 8.51 प्रतिशत रही है। इस साल प्रत्यक्ष कर वसूली तीन लाख 69 हजार 575 करोड रूपए तक रहने का बजट अनुमान लगाया गया है। बहरहाल, नौ महीनों की अवधि बीत जाने पर सरकार के खजाने में 67.7 प्रतिशत राशि पंहुची है। प्रत्यक्ष करों में शामिल कॉपेरिट कर वसूली एक लाख 66 हजार 503 करोड रूपए रही। यह पिछले साल की तुलना में 13.47 प्रतिशत अधिक है लेकिन व्यक्तिगत आयकर वसूली इन महिनों की अवधी में प्छिले साल के मुकाबले रूपए रह गई।
वर्ष 2009-10 के बजट अनुमान के अनुसार कंपनी कर वूसली करीब 65 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है जबकि व्यक्तिगत आयकर वसूली बजट अनुमान का 74 प्रतिशत हो चुकी है। दिसंबर महीने में कुल प्रत्यक्ष कर वसूली 66 हजार 410 करोड रूपए रही। पिछले वर्ष दिसंबर में 53 हजार 347 करोड रूपए की वूसली हुई थी। इस महीने अकेले कंपनी कर की वसूली 44.03 प्रतिशत बढकर 53 हजार 293 करोड रूपए तक पहुंच गई लेकिन व्यक्तिगत आयकर की वसूली पिछले वर्ष दिसंबर में हुई वसूली की तुलना में 19.75 प्रतिशत घटकर 13 हजार 117 करोड रूपए रह गई। वित्त मंत्रालय की यहां जारी विज्ञçप्त के अनुसार व्यक्तिगत आयकर वसूली में कभी ज्यादा रिफंड के कारण हुई है।

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