कोई परिणाम नहीं मिला

No Result Found

भारत समाचार

सीआरआर बढने पर भी फिलहाल महंगा नही होगा कर्ज

मुम्बई। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा में नकद आरक्षी अनुपात में 0.75 प्रतिशत की बढोतरी कर इसमें 5.75 प्रतिशत करने के बावजूद ब्याज दरों में वर्तमान में बढने की संभावना नही है। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति की तीसरी तिमाही की समीक्षा पेश करने बाद कहा। उन्होंने कहा कि मौद्रिक नीतियों में ढील देने के बाद उसे कडा करना काफी जटिल और कठिन फैसला था। अब सीआरआर में तीन चौथाई फीसदी वृद्धि के साथ आगे बढाया गया है। यह वृद्धि दो चरणों में होगी। पहले चरण में 13 फरवरी को शुरू हो रहे पखवाडे से इसे 0.50 प्रतिशत बढाकर 5.50 प्रतिशत किया जाएगा। 27 फरवरी से दूसरा चरण से शुरू हो रहा है इसमें 0.25 फीसदी की बढोतरी की जाएगी।
आरबीआई के इस कदम से बैंकों के पास कर्ज देने के लिए उपलब्ध राशि में 36000 करोड रूपए की कमी आएगी। इसके अलावा रेपो और रिवर्स रेपो की मौजूदा दरों के साथ कोई छेडछाड नहीं की है। पहले की ही तरह रिवर्स रेपो दर 3.25 फीसदी और रेपो दर> 4.75 फीसदी रहेगी। हालांकि, सीआरआर बढने पर भी हाल में होमलोन, अòाटो लोन और शिक्षा लोन की दरों में बढोतरी होने की कोई आशंका नहीं दिखाई दे रही है। आईडीअीआई बैक के कार्यकारी अधिकारी सुशील मुनहोट ने कहा कि ब्याज दरों में तत्काल किसी प्रकार की बढोतरी को लेकर मुझे संदेह है क्योंकि अर्थव्यवस्था में पर्याप्त नकदी है। रिजर्व बैंक के इस कदम से मुद्रास्फीति दबाव को कम करने में सहायता मिलेगी।

अन्य खबरें

अन्य खबरें