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पवार को गृहमंत्री पर नहीं भरोसा, मातोश्री में नतमस्तक

बताया जाता है कि शरद पवार और बीसीसीआई प्रमुख शशांक मनोहर के साथ बाल ठाकरे एवं उद्धव ठाकरे की मुलाकात करीब दो घंटे तक चली। फिर भी वे पुख्ता आश्वासन प्राप्त नहीं कर सके। बाल ठाकरे ने उन्हें केवल उनकी गुहार पर विचार करने का आश्वासन देकर लौटा दिया।
यहां मजे की बात यह है कि केंद्रीय मंत्री होने के बावजूद शरद पवार को अपनी ही सरकार के गृहमंत्री पी. चिदंबरम के आश्वासन पर भरोसा नहीं है। चिदंबरम ने आस्ट्रेलियाई खिलाç़डयों को लेकर शिवसेना की धमकियों के मद्देनजर एक फरवरी को बयान दिया था, जिसमें उन्होंने साफ कर दिया था कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। मगर इस कदम से तो ऎसा लगता है कि केंद्रीय कृषि मंत्री यह मान बैठे हैं कि शिवसेना कानून और देश की सुरक्षा एजेंसियों से भी ब़डी है। तभी तो उन्हें ठाकरे के शरणागत होना प़डा है। लेकिन असली मामला यह नहीं लगता। जानकारों का कहना है कि शरद पवार ने सोची समझी रणनीति के तहत ही मातोश्री में दस्तक दी है। महाराष्ट्र में हुए लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बाद पवार को शिवसेना की पतली हुई हैसियत का अंदाजा है, लेकिन उनका असली निशाना कहीं और ही है। महंगाई के मामले को लेकर कांग्रेस के रवैए से वे खासे खफा हैं। वह अब उससे दो-दो हाथ करने के मूड में है। इसे पिछले दिनों तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के मद्देनजर आसानी से समझा जा सकता है।
महंगाई के मुद्दे पर पवार बुरी तरह घिरे हुए हैं। कांग्रेस ही नहीं, बल्कि बाकी सहयोगियों से भी वह अलग-थलग प़ड चुके हैं। ऎसे में शरद पवार यह जता देना चाहते हैं कि वह महाराष्ट्र की सियासत में अकेले नहीं हैं। इस मुद्दे पर एनसीपी सरकार से इस्तीफे की धमकी दे चुकी है।
महाराष्ट्र के गृहमंत्री आरआर पाटिल ने कहा कि उनकी पार्टी छोटी है पर नेता छोटा नहीं है। ऎसे हमले करोगे तो हमारे नेता के सम्मान, प्रतिष्ठा के सामने कुर्सी महत्वपूर्ण नहीं है। एक साथ रह कर हम सरकार चलाते हैं। हम किसी के रास्ते में नहीं आते हैं। हमारे रास्ते में कोई नहीं आएं। अगर आए तो हम भी वही रास्ता अपनाएंगे। मगर सरकार से इस्तीफे की यह धमकी काम नहीं आई। माना जा रहा है कि शायद इसीलिए कांग्रेस को आईना दिखाने के लिए पवार बाल ठाकरे के दरवाजे पर जा पहुंचे जबकि औरंगाबाद में एनसीपी की बैठक में रविवार सुबह ठाकरे की उन्होंने खिल्ली उ़डाई थी।










