नई दिल्ली। अनुवांशिक रूप से संवर्द्धित बैंगन यानी बीटी ब्रिंजल को व्यावसायिक तौर पर बाजार में उतारने के निर्णय पर अभी ब्रेक लग गए हैं वहीं सरकार द्वारा सार्वजनिक किए गए दस्तावेज किसानों के लिए इस सब्जी की जरूरत व इसके संभावित सामाजिक आर्थिक प्रभाव के अध्ययन का सुझाव देते हैं जो पहले नहीं किए गए। दस्तावेज के अनुसार पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने 2007 के शुरूआत में बीटी बैंगन पर पुनरीक्षण समिति गतिठत की थी। इस समिति ने दावा पेश करने वालों के बयानों का आकलन किया साथ ही इस बैंगन को तैयार करने वाली कंपनी मेहीको द्वारा उपलब्ध कराए गए जैविक सुरक्षा डाटे से तलना की। समिति ने पाया कि इस बारे में सामाजिक-आर्थिक प्रभाव का व्यापक स्तर पर मूल्यांकन होना चाहिए।