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भारत समाचार

एडीआर और जीडीआर के जरिए बैंक की नागरिकता तय न करें: चंदा कोचर

नई दिल्ली, 27 अगस्त। देश के सबसे बडे निजी क्षेत्र के बैंक आईसीआईसीआई बैंक की सीईओं और प्रबंघ निदेशक चंदा कोचर ने कहा कि विदेशी प्रतिभूतियों जैसे एडीआर और जीडीआर के जरिए यह तय नही किया जाए कि कोई बैंक भारतीय है, या विदेशी। चंदा कोचर ने कहा कि औद्योगिक नीति एवं संवर्द्धन विभाग (डीआईपीपी)को बैंकों में विदेशी हिस्सेदारी के बारे में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। इसी से आईसीआईसीआई बैंक की स्थिति भी स्पष्ट होगी। कोचर ने कहा कि हम भारतीय बैंक है, और हमें इस पर गर्व है।
इसी साल डीआईपीपी ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई)से संबंघित नए दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसके तहत यदि किसी कंपनी में 50 प्रतिशत से ज्यादा अप्रत्यक्ष विदेशी निवेश हो जाता है, तो उसका स्टेटस बदलकर अप्रवासी भारतीय हो जाएगा। एफडीआई की इस सीमा में एडीआर-जीडीआर, एफडीआई और एनआरआई की हिस्सेदारी तथा विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय ब्रांड या शेयरों के जरिए किया गया निवेश भी शामिल है।

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