भारत समाचार
थ्री: लव, लाइज, बिट्रायल

निर्देशक: विशाल पंड्या संगीत: चिरंतन भट्ट
कलाकार: नौशीन अली सरदार, आशीष चौघरी, अक्षय कपूर
निर्देशक विशाल पंड्या की फिल्म "थ्री" परपल लेक स्थित एक घर में होने वाली घटनाओं की कहानी है। यह कहानी तीन किरदारों के इर्दगिर्द घूमती है। इस घर में राजीव दत्त(अक्षय कपूर) और उसकी पत्नी अंजनी दत्त(नौशीन अली सरदार) रहते है। अंजनी वॉयलिन टीचर है। घर भी अंजनी का ही है। उसे जो भी आय होती है, उसी से वह घर का खर्च उठाती है, क्योकि राजीव कुछ काम नही करता है। पत्नी की कमाई खाने वाला राजीव इस वजह से कुंठित है, और अक्सर अपना गुस्सा पत्नी पर निकालता है।
दोनों के बीच प्यार कही गुम हो गया है। एक दिन राजीव अपनी पत्नी से घर बेचने के लिए कहता है, ताकि उन पैसों से वह व्यवसाय शुरू कर सके। अंजनी ऎसा करने से इंकार कर देती है, क्योंकि यह घर उसके माता-पिता का है, जो अब इस दुनिया में नही है। इस घर से उनकी यादें जुडी हुई है। अंजनी अपने पति की मदद करना चाहती है, इसलिए घर का एक हिस्सा वह संजय (आशीष चौघरी) को किराए से देती है। इस तरह से तीसरे किरदार का कहानी में प्रवेश होता है। संजय कुछ ही दिनों में पढ लेता है कि अंजनी और उसके पति के संबंघ ठीक नही है। वह अंजनी से सहानुभूति रखता है। संजय के इस व्यवहार से अंजनी उसकी ओर आकर्षित हो जाती है, और उसे चाहने लगती है।
क्या संजय सचमुच अंजनी को चाहता है्?
क्या अंजनी गलती कर रही है्?
इन सब के जवाब जानने के लिए दिखे "थ्री: लव, लाइज, बिट्रायल"।










