जमशेदपुर: बोनस की बरसात ने मंदी की मायूसी को नदारद किया
Sep 24, 2009 8:37 PM
जमशेदपुर, 25 सितंबर। देश के प्रमुख औद्योगिक नगर जमशेदपुर की लगभग 1000 छोटी-ब़डी औद्योगिक इकाइयों में इस महीने हुई बोनस की बरसात ने मंदी से पैदा हुई मायूसी को पूरी तरह नदारद कर दिया है। टाटा स्टील और टाटा मोटर्स के दो विशालकाय संयंत्रों के अलावा समूह की दर्जनों अन्य कंपनियों और इनके सैक़डों सहायक उद्योगों वाले इस शहर के हजारों कामगारों को इस माह अब तक सालाना बोनस के तौर पर लगभग 200 करो़ड रूपए मिल चुके है। मंदी के कारण अरबों रूपए का घाटा उठाने वाली दुनिया की आठवीं सबसे ब़डी इस्पात कंपनी टाटा स्टील ने यहां भारत के अपने एकमात्र कार्यशील संयंत्र के लगभग 16,500 कर्मियों को 18.5 प्रतिशत बोनस के रूप में 81 करो़ड रूपए का भुगतान किया है। इसके माइन्स और कोलियरी कर्मियों को 58 करो़ड रूपए का अतिरिक्त बोनस दिया गया है। बोनस की न्यूनतम राशि दस हजार रूपए तथा अघिकतम एक लाख रूपए है। टाटा मोटर्स ने यहां अपने भारी वाहन संयंत्र के लगभग साढ़े छह हजार कर्मियों को 15.27 प्रतिशत एकीकृत बोनस दिया है। इस पर अनुमानत: करीब 15 करो़ड रूपए खर्च हुए है। टाटा समूह की अन्य कंपनियों डीजल इंजन निर्माता टाटा कमिंस, विभिन्न उपकरण बनाने वाली टेल्कॉन, टीआरएफ, टायो, टिस्को ग्रोथ शॉप, नगरीय सेवा प्रदाता जुस्को समेत अन्य कंपनियों और क्लबों ने लगभग 10 से 15 करो़ड रूपए बोनस के रूप में वितरित किए है। आदित्यपुर में स्थित सैक़डों सहायक उद्योगों में भी मोटे तौर पर 25 करो़ड रूपए बोनस मिलने का अनुमान है।