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बैकों को मिलेंगे इस साल दिसम्बर तक 10 हजार करो़ड रूपए

उल्लेखनीय है कि इस महीने की शुरूआत में विश्व बैंक के कार्यकारी बोर्ड ने बैंकों की पूंजी बढ़ाने के लिए 2 अरब डॉलर के ऋण दिए जाने को मंजूरी दी थी। विश्व बैंक कोष का इस्तेमाल उत्पादक क्षेत्रों में प्रवाह सुनिश्चित करने में किया जाएगा। नई पंूजी डालने का मकसद बैंकों को जोखिम भारित परिसंपत्तियों के लिए रखी जाने वाली पंूजी (सीआरएआर) को 12 फीसदी के स्तर पर बनाए रखने के साथ यह सुनिश्चित करना है कि सतत आर्थिक वृद्धि निरंतर हो।
बैंकिग क्षेत्र की मदद के लिए 30 साल की परिपक्वता अवघि वाले विश्व बैंक के 2 अरब डॉलर के ऋण से चुनिंदा वाणिज्यिक बैंक बुनियादी ढांचा विकास, लघु और मझोले उद्यमों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए कर्ज का विस्तार किया जा सकेगा। सार्वजनिक क्षेत्र के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, देना बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, यूको बैंक, सेंट्रल बैंक आफ इंडिया और विजय बैंक ने नई पूंजी के लिए अनुरोघ किया है।










