नई दिल्ली 2,अक्टूबर। शीघ्र ही गृहणियों को लोहे के गैस सिलेंडर से छुटकारा मिल जाएगा। पेट्रोलियम मंत्रालय लोहे के गैस सिलेंडर की जगह स्टील का सिलेंडर बाजार में लाने की तैयारी कर रहा है। अगले वर्ष के शुरूआत में आम लोगों के लिए यह सिलेंडर उपलब्ध हो जाएगा। लोहे के सिलेंडर की तुलना में यह सिलेडर काफी हल्का होगा। जिससे महानगर में बहुमंजिली इमारतों में रहने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी। सूत्रों के मुताबिक पेट्रोलियम मंत्रालय ने रसोई गैस सिलेंडर के स्वरूप को बदलने का मूड बना लिया है। गैस का यह खाली सिलेंडर का वजन भी साढे़ चौदह किलोग्राम से घटकर सात किलोग्राम का रह जाएगा। मंत्रालय ने जिंदल इस्पात कंपनी को गैस सिंलेडर बनाने के लिए इस्पात देने का आर्डर दिया है। इस्पात के 25 गैस सिलेंडर जांच के लिए तैयार भी कर लिए गए है। हालांकि इस्पात के सिलेंडर बनाने में खर्च ज्यादा होगा। यह लोहे के सिलेंडर से एक हजार रूपए अधिक लागत का होगा। सूत्रों का दावा है कि जनवरी से इस्पात का सिलेंडर बाजार में उलब्ध हो जाएगा। सूत्रों का कहना है कि यह सिलेंडर सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी काफी बेहतर होगा। लोहे का गैस सिलेंडर में फटने का डर हमेशा बना रहता है जबकि इस्पात सिलेंडर में ऎसी कोई संभावना नहीं रहेगी। हालांकि मंत्रालय इससे पहले भी लोहे के गैस सिलेंडर बदलने की कवायद कर चुका है। गैस चोरी होने की वजह से लोहे की जगह पारदर्शी सिलेंडर बाजार में लाने के लिए की कोशिश कर चुकी है।