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भारत समाचार

खामोशी ही मेरी ताकत: न्यायाधीश दिनाकरण

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाए जाने के संकेतों के बाद विवादों से घिरे कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पीडी दिनाकरण ने उनके खिलाफ अवैध तरीके से ब़डे भू भाग पर कब्जा करने के आरापों पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। एक सम्मेलन में भाग लेने यहां आए दिनाकरण ने इस संबंध में पूछे जाने पर कहा, खमोशी ही मेरी ताकत है। उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में पूछे जाने पर और यह पूछने पर कि क्या ये आरोप बेबुनियाद हैं, उन्होंने कहा, मैं कुछ नहीं कहूंगा। माना जाता है कि मुख्य न्यायाधीश के जी बालाकृष्णन के नेतृत्व वाले सुप्रीम कोर्ट के कोलेजियम ने दिनाकरण को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में प्रदोन्नत किए जाने के अपने फैसले को फिलहाल रोक दिया है। यह फैसला इन आरापों के बाद किया गया कि न्यायाधीश ने तमिलनाडु के तिरूवल्ललूर जिले में काफी ब़डे पैमाने पर जमीन हथिया रखी है। कोलेजियम ने तिरूवल्लूर के कलेक्टर की रिपोर्ट के बाद अपने फैसले को टालने का मन बनाया।
अदालती सूत्रों के अनुसार इस रिपोर्ट में कलेक्टर ने इस बात की तरफ इशारा किया था कि अकेले तिरूतनी तालुक के कावेरीराजपुरम में ही दिनकारण ने करीब 500 एक़ड जमीन पर कब्जा किया है। दिनाकरण के साथ ही कोलेजियम ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एके पटनायक, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर, कोलकाता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एसएस नि”ार और गुजरात हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के एस राधाकृष्णन के नाम भी सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किए जाने के लिए तय किए थे। कोलेजियम ने न्यायाधीश दिनाकरण के खिलाफ भूमि हथियाने संबंधी आरोपों पर कलेक्टर से रिपोर्ट मांगी थी। इससे पूर्व प्रमुख वकीलों ने सरकार और देश के मुख्य न्यायाधीश से आग्रह किया था कि वे दिनाकरण के खिलाफ आरोपों की जांच करें और उन्हें पदोन्नत नहीं करें।

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