मुंबई। रिजर्व बैक (आरबीआई) मंगलवार को चालू वित्त वर्ष की मौद्रिक नीति की छमाही समीक्षा करेगा। अधिकतर बैकरों का मानना है कि केन्द्रीय बैक प्रमुख ब्याज दरों और नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर)में कोई परिवर्तन नहीं करेगा, लेकिन बाजार से जुडे लोगों के अनुसार सीआरआर में बढोतरी की संभावना को खारिज भी नहीं किया जा सकता। बाजार से जुडे लोगों का मानना है कि आरबीआई सीआरआर में चौथाई से आधा प्रतिशत तक की बढोतरी कर सकता है। केनरा रोबको एसेट मैनेजमेंट के प्रमुख (इक्विटी) आनंद शाह ने कहा कि यदि रिजर्व बैक सीआरआर बढा देता है तो इस पर आpर्य नहीं होना चाहिए। बैकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी को देखते हुए मुद्रास्फीति जल्द ही चिंता का सबब बना सकती है। निवेशक बैकिंग सिस्टम में तरलता में कमी आने की आशंका से चिंतित है, क्योकि अब भी जमा की वृद्धि दर के मुकाबले कर्ज की मांग कम है। निवेशकों को डर है कि मुद्रा आपूर्ति में कमी आने से कंपनियों और उपभोक्तओं के लिए कर्ज लेना महंगा हो जाएगा, जिसका असर आर्थिक वृद्धि दर की रफ्तार पर पड सकता है।