धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश की एक अदालत ने गुरूवार को मेडिकल के चार छात्रों को कनिष्ठ छात्र अमन काचरू की रैगिंग के दौरान मौत के मामले में गैर इरादतन हत्या का दोषी करार देते हुए चार वर्ष कैद की सजा सुनाई है।
इस मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुरिंदर वैद्य ने दोषी करार दिए गए चारों वरिष्ठ छात्रों पर 10,000 रूपये जुर्माना भी लगाया। पिछले वर्ष आठ मार्च को कांग़डा जिले के टांडा में राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के 19 वर्षीय छात्र अमन की चार वरिष्ठ छात्रों द्वारा रैगिंग के बाद मौत हो गई थी। अमन ने स्कूली पढ़ाई नई दिल्ली के डीपीएस इंटरनेशनल स्कूल में की थी। उसने वर्ष 2007 में मेडिकल कालेज में प्रवेश लिया था। रैगिंग करने वालों में अजय वर्मा, नवीन वर्मा, अभिनव वर्मा और मुकुल शर्मा शामिल थे।
फैसले के बाद अमन के पिता राजेंद्र काचरू ने कहा, ""यह एक ऎतिहासिक फैसला है लेकिन मेरे लिए यह मामला तभी खत्म होगा जब देशभर में रैगिंग के मामले बंद हो जाएंगे। वे हत्या के दोषी ठहराए जाएं या गैर इरादतन हत्या के, इससे मुझे कोई फर्क नहीं प़डता।"" अभियोजन पक्ष ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत सजा देने की मांग की थी। विशेष सरकारी वकील जीवन लाल ने आईएएनएस को बताया कि निचली अदालत द्वारा छात्रों को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराने के फैसले के खिलाफ अभियोजन पक्ष अपील कर सकता है।











