लखनऊ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में रामगंगा, कोसी, मालन और गंगा नदियों की तबाही लगातार जारी है। बाढ़ की वजह से अब तक करीब पांच लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य में लगातार हो रही बारिश और उत्तराखण्ड के कालागढ़, नंद सागर, भमगो़डा बांध से लाखों क्यूसेक पानी छो़डे जाने के कारण गंगा, रामगंगा, कोसी और मालन नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। बिजनौर, अमरोहा, शाहजहांपुर, बरेली, रामपुर, बुलंदशहर, सहारनपुर, बदांयू और फर्रूखाबाद जिलों में रामगंगा, मालन, कोसी और गंगा नदी लगातार उफान पर है, जिससे इन जिलों के निचले इलाकों के 500 से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। मुरादाबाद में हालात पहले से थो़डा सुधारा है। कोसी के जलस्तर में गिरावट आने से जिन रिहायशी इलाकों में तीन से चार फुट तक पानी भर गया था, वहां पानी का स्तर अब कम हो रहा है।
मुरादाबाद के अपर जिलाधिकारी (वित्त) के. के. सिंह ने शुक्रवार को बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव दल द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाके में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है। जिले की दो लाख से अधिक आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। बाढ़ से जिले में सात लोगों की मौतें हुई हैं। उधर, पूर्वी उत्तर प्रदेश में दस से ज्यादा जिले पहले से ही बाढ़ की चपेट में हैं।
भारत समाचार
पश्चिमी उप्र में बाढ़ से 5 लाख लोग प्रभावित











