मुंबई। विवादास्पद आदर्श हाउसिंह सोसाइटी के प्रमोटरों ने फैसला किया है कि यदि बेस्ट और एमएमआरडीए बिजली आपूर्ति रोकते हैं और उसके सदस्यों को जारी कब्जा प्रमाण-पत्र रद्द किए जाते हैं, तो वे बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
सोसाइटी पर विवाद शुरू होने के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने मुंबई महानगर क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) को निर्देश दिया था कि सोसाइटी के सदस्यों को जारी अधिग्रहण प्रमाण-पत्रों (ओसी) को रद्द किया जाए। ब्रहत मुंबई विद्युत आपूर्ति और परिवहन (बेस्ट) ने अब सोसाइटी को नोटिस जारी कर कहा है कि ओसा जमा करें अन्यथा बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाएगी।
सूत्रों का कहना है कि सोसाइटी ने बीएमसी और एमएमआरडीए के खिलाफ और छवि बिग़ाडने के लिए मीडिया के खिलाफ अदालत में एक याचिका दाखिल करने का फैसला किया है। यह भूमि न तो रक्षा भूमि है और ना ही यह करगिल के नायकों के लिए आरक्षित थी। यह राज्य सरकार की है। गौरतलब है कि कोलाबा जैसे पॉश इलाके में आदर्श सोसाइटी के इस प्रोजोक्ट को लेकर घमासान मचा हुआ है और इसकी प्रमोटरों ने बार-बार प्रयासों के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
भारत समाचार
कब्जा रद्द किया तो कोर्ट जाएगी सोसाइटी





















