श्रीनगर। सेना ने कश्मीर के अलगाववादी गठबंधन हुर्रियत कांफ्रेंस के नेता सैयद अली शाह गिलानी से 21 सितंबर को घाटी में सेना के शिविरों के ओर प्रस्तावित मार्च की अपील वापस लेने का अनुरोध कहा है।
उसका कहना है कि इन प्रदर्शनों में अब तक बेकसूर लोग ही मारे गए हैं, हुर्रियत का एक भी कार्यकर्ता नहीं मारा गया है। गौरतलब है कि हुर्रियत के कट्टरपंथी ध़डे गिलानी गुट ने कश्मीर छो़डो आंदोलन चलाया हुआ है और इसके तहत उसने 21 सितंबर को लोगों से सेना के शिविरों पर मार्च की अपील की है। सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल जेएस बरार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, यह हुर्रियत की चाल है ताकि सेना के खिलाफ लोगों की भावनाएं भ़डकाई जा सके। उन्होंने कहा, मैं कश्मीर में शांति चाहने वाले सभी लोगों से अपील करता हूं कि वे घिनौने मंसूबों को कामयाब न होने दें।
सेना के प्रवक्ता ने पिछले तीन महीनों में हुई मौतों पर दुख जताते हुए हुर्रियत के मंसूबों पर सवाल उठाया कि अब तक मारे गए लोंगों में हुर्रियत का एक भी सदस्य नहीं मारा गया है। इसमें निर्दोष लोग, बच्चो और युवा मारे गए। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी अपील का शांतिप्रिय लोगों पर असर होगा और लोगों की जान नहीं जाएगी तथा संपत्ति को नुकसान नहीं होगा। हुर्रियत से भी अपील कर्नल बरार ने हुर्रियत से भी सीधी अपील की, मैं हुर्रियत से अनुरोध करता हूं कि वह अपनी अपील को वापस ले लें। उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीनों के विरोध प्रदर्शनों में सेना की कोई भूमिका नहीं रही। अब तक भी़ड को काबू करने में हम लोग शामिल नहीं थे। उम्मीद करते हैं कि यह व्यवस्था आगे भी बनी रहेगी। दूसरी ओर सेना के वरिष्ठ अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल एनसी मारवाह ने सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों की बैठक की और हुर्रियत के प्रस्तावित मार्च को देखते हुए रणनीति पर विचार किया।
हालांकि सेना ने इस बारे में कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया। गिलानी की सफाई- सेना का शिविरों पर मार्च को नहीं कहा दूसरी ओर हुर्रियत नेता सैयद अली गिलानी ने सफाई दी है कि उन्होंने लोगों से सेना के शिविरों पर भारी संख्या में जाने की अपील नहीं की है। उनका कहना था कि लोगों को दूरी बनाए रखने और केवल दो या तीन लोगों को ज्ञापन देने के लिए जाने को कहा है। उन्होंने कहा कि ज्ञापन में सेना से अंतरात्मा की आवाज सुनने की अपील की जाएगी।
भारत समाचार
सेना की अपील, हुर्रियत बेकसूरों को ना मरवाए





















