नई दिल्ली। चीन के शहर गुआंगझोउ में अगले महीने शुरू हो रहे 16वें एशियाई खेलों के लिए भारत की महिला एवं पुरूष हॉकी टीमों के चयन के अधिकार को लेकर सर्वोच्चा न्यायालय ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया। न्यायालय ने हॉकी इंडिया को टीम भेजने की अनुमति प्रदान की है। न्यायालय ने इस आयोजन के लिए टीम चुनने का अधिकार भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) और हॉकी इंडिया (एचआई) के पास बरकरार रखा है।
न्यायाधीश आर.वी. रवींद्रन और न्यायाधीश एच.एल. गोखले की खंडपीठ ने इस संबंध में 25 एवं 27 अगस्त को ही अपने अंतरिम फैसले में कह दिया था कि फिलहाल टीम चुनने का अधिकार एचआई और आईओए के पास ही रहेगा। न्यायालय ने राष्ट्रमंडल खेलों को करीब देखकर एक लिहाज से देशहित में फैसला सुनाया था। वैसे दिल्ली उच्चा न्यायालय ने देश में भारतीय हॉकी का काम देखने का अधिकार के.पी.एस. गिल के नेतृत्व वाले भारतीय हॉकी महासंघ (आईएचएफ) को दिया था लेकिन आईएचएफ को अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) से मान्यता प्राप्त नहीं है।
केंद्रीय खेल मंत्रालय ने अगस्त में दिशानिर्देशों के उल्लंघन का आरोप लगाकर एचआई की मान्यता समाप्त कर दी थी। एचआई को एफआईएच की मान्यता प्राप्त है लेकिन उसे खेल मंत्रालय या फिर यूं कहा जाए कि भारत सरकार की मान्यता प्राप्त नहीं है। किसी भी अंतर्राष्ट्रीय आयोजन में हिस्सा लेने के लिए एफआईएच की मान्यता जरूरी है, ऎसे में एचआई को टीम के चयन का अधिकार दिया जाना जरूरी था। इस महीने हुए चुनाव में विद्या स्टोक्स को एचआई का अध्यक्ष चुना गया था।
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एशियाई खेलों के लिए हॉकी इंडिया भेजेगी टीम





















