पटना। नक्सलियों द्वारा कथित रूप से बंधक बनाए गए पुलिसकर्मियों के परिवार वालों ने मुख्यमंत्री और राज्य के वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारियों से मिलकर अपने प्रियजनों मुक्ति की गुहार लगाई है। नक्सलियों ने इन लोगों की सशर्त रिहाई के लिए सरकार को 36 घंटों की मोहलत दे रखी है जो बुधवार शाम खत्म हो रही है।
बेगूसराय जिले के मोहनपुर गाव निवासी अभय कुमार यादव लखीसराय जिले के प्राणपुर थाना प्रभारी हैं।
इन्हें नक्सलियों के चंगुल से मुक्त कराने की गुहार लगाने के लिए इनकी तीन पुत्रियां अपनी मां के साथ मंगलवार को पटना पहुंची। मंगलवार देर रात इनकी मुलाकात मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से हो पाई। मुख्यमंत्री ने बंधकों की सकुशल रिहाई के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिया। नक्सलियों द्वारा बंधक बनाए गए पुलिसकर्मियों में बेतिया के रहने वाले प्रशिक्षु पुलिस निरीक्षक रूपेश कुमार सिन्हा भी हैं। रूपेश की मां मंजू सिन्हा का रो-रोकर बुरा हाल है। वह कहती हैं कि उन्होंने टेलीफोन द्वारा मुख्यमंत्री आवास पर संपर्क करने का प्रयास किया था परंतु उनसे बात नहीं हो पाई है।
उन्होंने बुधवार को बताया कि पुलिस महानिरीक्षक (ऑपरेशन) से भी बात हुई है। सभी ने उनके पुत्र की सकुशल रिहाई का भरोसा दिलाया है। उल्लेखनीय है कि रविवार को लखीसराय के कजरा थाना क्षेत्र में मुठभे़ड के दौरान नक्सलियों ने चार पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया था। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के मुंगेर-जमुई-लखीसराय जोन के स्वयंभू प्रवक्ता अविनाश ने स्थानीय चैनलों को फोन पर कहा कि रविवार को लखीसराय जिले के कजरा थाना क्षेत्र में उसके लोगों ने पुलिस दल पर हमला करने के बाद राज्य के दो पुलिस निरीक्षक (एसआई) और दो बिहार सैन्य बल (बीएमपी) के जवानों को अगवा कर लिया।
नक्सलियों ने मंगलवार को बंधक बनाये गये चार पुलिसकर्मियों को छो़डने के एवज में सरकार के सामने शर्त रखी है। नक्सलियों ने सरकार से 36 घंटे के अंदर उनके आठ साथियों को रिहा करने की मांग की है। यह समय सीमा बुधवार को शाम चार बजे समाप्त हो जाएगी।
भारत समाचार
बंधक पुलिसकर्मियों के परिजनों ने गुहार लगाई











