नई दिल्ली। ब्लैकबेरी फोन निर्माता कंपनी रिसर्च इन मोशन (आरआईएम) ने सोमवार को भारत सरकार के दबाव के आगे घुटने टेक दिए और उसने कहा कि सांकेतिक आंक़डे की सुरक्षा एजेंसियों द्वारा निगरानी हेतु भारत में एक सर्वर स्थापित करने पर वह विचार करेगी। गृह मंत्रालय ने कहा कि ऎसा करने के लिए आरआईएम को अपनी सेवा जारी रखने के लिए दो महीने का समय दिया गया है। भारत में ब्लैकबेरी सेवा के 10 लाख से अधिक उपभोक्ता हैं। ज्यादातर उपभोक्ता कॉरपोरेट हैं। गृह मंत्रालय और दूरसंचार मंत्रालय तथा आरआईएम के अधिकारियों के बीच आयोजित बैठक के बाद यह गतिरोध समाप्त हुआ है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, ""यह निर्णय लिया गया है कि दूरसंचार विभाग सिर्फ भारत में स्थित एक सर्वर के जरिए उपलब्ध कराई जा रही इन सभी सेवाओं की संभाव्यता का अध्ययन करेगा।"" बैठक की अध्यक्षता गृह सचिव जी.के.पिल्लै ने की और इसमें विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) यू.के.बंसल और दूरसंचार विभाग, इंटेलिजेंस ब्यूरो व राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सरकार ने आरआईएम के लिए अपनी मैसेंजर और इंटरप्राइज सल्यूशन तक पहुंच सुलभ कराने के लिए 31 अगस्त तक की समय सीमा तय की थी।
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ब्लैकबेरी झुका, सरकार ने दिया 2 महीने का अतिरिक्त समय











