बेंगलुरू। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस.येदियुरप्पा ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार ने अपनी नई खनन नीति के अनुसार घरेलू जरूरतों के लिए केवल दो खनन लाइसेंस जारी किए थे और आठ कंपनियों के पट्टों का नवीनीकरण किया था।
येदियुरप्पा ने यहां संवाददाताओं को बताया, ""हमने पिछले दो वर्षो के दौरान केंद्र सरकार से दो लाइसेंस जारी करने की सिफारिश की है। पहला रायचूर जिले में सरकारी कंपनी, हुत्ती गोल्ड माइन्स लिमिटेड को सोने के खनन के लिए और दूसरा सुहिलम्मा एंड कंपनी को मैगAीज के खनन के लिए।"" येदियुरप्पा ने कांग्रेस के उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिसमें उसने कहा है कि भाजपा सरकार ने 15 नए खनन पट्टे जारी करने की अनुमति दी थी। येदियुरप्पा ने साफ किया कि आठ कंपनियों के लाइसेंस 2008 से नवीनीकरण के लिए अधिसूचित थे। कांग्रेस ने बुधवार को दावा किया था कि येदियुरप्पा ने खनन के 15 पट्टे मंजूर किए हैं और नौ कंपनियों को करीब 1,000 एक़ड में खनन की अनुमति देने के लिए केंद्र सरकार से सिफारिश की है। येदियुरप्पा ने कहा, ""हमने कोई नया खनन पट्टा जारी नहीं किया है, लेकिन पूर्व की सरकारों की सिफारिश पर केंद्र सरकार द्वारा दी गई मंजूरी के बाद आठ पुराने पट्टों का नवीनीकरण जरूर किया है।"" युदियुरप्पा ने कहा कि केंद्र सरकार की सिफारिश के बाद उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षो से कई केंद्रीय और राज्य के मंत्री लौह अयस्क के अवैध खनन में लिप्त रहे हैं और वह उनको बेनकाब करेंगे। येदियुरप्पा ने कहा कि यदि राज्य में पिछले 10 वर्षो के दौरान अवैध खनन की गहन जांच हो तो कई केंद्रीय और राज्य के मंत्री बेनकाब होंगे। ऎसा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, ""मैं उनमें से नहीं हूं जो निराधार आरोपों के खिलाफ चुप हो जाते हैं। यदि मैंने उनको बेनकाब नहीं किया तो मैं येदियुरप्पा नहीं।"" कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि अपने दो वर्ष के कार्यकाल में खनन का कोई लाइसेंस नहीं जारी करने या उसका नवीकरण नहीं करने का मुख्यमंत्री झूठा दावा कर रहे हैं। दक्षिण भारत में भारतीय जनता पार्टी के पहले मुख्यमंत्री अवैध खनन को लेकर भारी दबाव में हैं क्योंकि उनके दो मंत्री भी खान मालिक हैं।
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घरेलू जरूरतों के लिए 2 खनन लाइसेंस जारी किए : येदियुरप्पा











