नई दिल्ली। देश में पैदा हो रही बैंगन की 2500 से ज्यादा किस्मेें बडा खतरा बन सकता है। इसका पर्यावरण और उपभोक्ता के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पडेगा। बीटी बैंगन पर वन एवं पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश को पेश की गई ताजा रिपोर्ट में अमेरिकी वैज्ञानिकों ने विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट को संदिग्ध बताया है। मिनिसोटा विश्वविद्यालय के कीट विभाग के एक वैज्ञानिक ने अपनी रिपोर्ट पांच दिन पूर्व वन एवं पर्यावरण मंत्री को सौंपी। इस रिपोर्ट को हाईकोर्ट में भी प्रस्तुत किया गया। साथ ही यह रिपोर्ट एक संवाददाता सम्मेलन में जारी करते हुए कहा गया कि बीटी बैंगन के पर्यावरण पर पडने वाले संभावित प्रभावों का पर्याप्त मूल्यांकन नहीं किया गया। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि इसके अध्ययन के लिए न तो पर्याप्त फील्ड ट्रॉयल हुए और न ही पर्यावरण स्वास्थ्य आदि पर खतरौं का अध्ययन ही पूरी से किया गया है। इससे गरीब किसानों की आर्थिक सुरक्षा भी खतरे में पड सकती है।
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पर्यावरण और उपभोक्ता के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डालेगा बीटी बैंगन











