नई दिल्ली। भारतीय महिलाओं ने डिस्कस थ्रो में इतिहास रचते हुए हुए तीनों पदकों पर कब्जा कर लिया। कृष्णा पूनिया, हरवंत कौर और सीमा अंतिम ने सोमवार को जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदकों पर कब्जा जमाया।
भारतीय खिलाç़डयों ने भारत को राष्ट्रमंडल खेलों की किसी एथलेटिक्स स्पर्धा में 52 साल बाद स्वर्ण पदक जिताया है। पूनिया ने तो इस पदक को पूरे देशवासियों को समर्पित किया है। पूनिया ने जहां 61.51 मीटर के साथ पहला स्थान हासिल किया वहीं हरवंत ने 60.16 मीटर के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। सीमा ने 58.46 मीटर दूरी के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। वेल्स की फिलिप्स रोल्स 57.99 मीटर के साथ चौथे स्थान पर रहीं।
ट्रैक एवं फील्ड स्पर्धाओं में इससे पहले कभी भी भारतीय खिलाç़डयों ने एक ही स्पर्धा के तीनों पदक नहीं जीते थे। पदक जीतने के बाद इन खिलाç़डयों ने तिरंगे के साथ पूरे स्टेडियम का चक्कर लगाया। उनकी इस सफलता पर स्टेडियम में मौजूद लगभग 50 हजार लोगों ने ख़डे होकर उनका अभिनंदन किया। नेहरू स्टेडियम में और दिनों की तुलना में सोमवार को ज्यादा भी़ड जुटी। अपने घरेलू दर्शकों से मिली हौसलाआफजाई का फायदा उठाते हुए भारतीय खिलाç़डयों ने इतिहास रचने वाला प्रदर्शन किया। 2006 एशियाई खलाों में रजत पदक जीतने वाली पूनिया ने जहां पहले प्रयास में 61.51 की दूरी नापी वहीं हरवंत ने तीसरे प्रयास में 60.16 मीटर चक्का फेंका। इसी तरह अंतिम ने दूसरे प्रयास में 58.46 मीटर चक्का फेंका। स्वर्ण जीतने के बाद पूनिया ने कहा, ""यह अद्भुत है। मैं अपने इस पदक को अपने देेशवासियों को समर्पित करती हूं। खेलौं से पहले हमारी जमकर आलोचना हुई लेकिन हमने सबकुछ भुलाकर शानदार एकता का परिचय दिया।""
भारत समाचार
राष्ट्रमंडल खेल (एथलेटिक्स) : भारत को 52 साल बाद मिला स्वर्ण





















