नई दिल्ली। राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन की तैयारियों को लेकर हुई छीछालेदर की जिम्मेदारी से अब तक इंकार करते रहे आयोजन समिति (सीजीओसी) के प्रमुख सुरेश कलमाडी ने शनिवार को अंतत: सारी जिम्मेदारी स्वीकार कर ली। इसके साथ ही शनिवार को एक और सकारात्मक प्रगति यह हुई कि पुलिस ने खेल स्थलों की सुरक्षा तैयारी लगभग पूरी कर ली।
कलमाडी ने हालांकि यह कहते हुए खुद का बचाव भी किया कि सरकारी एजेंसियों ने अधोसंरचना संबंधी कार्यो को समय पर पूरा नहीं किया। दूसरी ओर राष्ट्रमंडल खेल परिसंघ के अध्यक्ष माइक फेनेल ने कहा कि खेलों के इर्द-गिर्द पैदा हुए विवादों ने भारत की छवि को धूमिल किया है। लेकिन ""उस दोष को हम सभी को मिल कर साझा करना है।"" विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आंशिक रूप से फेनेल का समर्थन किया, क्योंकि फेनेल का हमला कांग्रेस नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार और खेलों की आयोजन समिति के खिलाफ था।
इस बीच प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने भी एक बार फिर हस्तक्षेप किया है। पीएमओं ने उन खबरों का खंडन किया है जिसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने खेलों से संबंधित कार्यो में लेटलतीफी और निमA गुणवत्ता के लिए राष्ट्रमंडल खेलों के प्रभारी मंत्री समूह (जीओएम) की खिंचाई की है। पीएमओ की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, ""इस तरह की खबरें भ्रामक हैं।"" शनिवार को एक अन्य घटनाक्रम के तहत सरकार ने घोषणा की कि राजधानी का हवाई क्षेत्र खेलों के उद्घाटन एवं समापन के दिन शाम पांच बजे से रात 10 बजे तक बंद रहेगा, लेकिन नियमित व्यावसायिक उ़डानें प्रभावित नहीं होंगी। यहीं पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने आयोजन के संबंध में भारत पर उंगली उठाने के लिए आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, कनाडा और इंग्लैंड जैसे देशों की आलोचना की। शर्मा ने चेतावनी दी कि इस आलोचना के लिए इन देशों को भारत में व्यापारिक अवसरों के संदर्भ में कीमत चुकानी प़डेगी। बहरहाल, कलमाडी ने राष्ट्रमंडल खेलों के लिए तैयार किए गए मुख्य प्रेस सेंटर में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ""आयोजन समिति की भूमिका खेलों के आयोजन से जु़डी है। मैं निर्माण कार्यो में शामिल नहीं हूं। निर्माण कार्य मेरी जिम्मेदारी भी नहीं है। हां, सभी चीजों की समीक्षा करना मेरी जिम्मेदारी है।
सीजीओसी के प्रमुख के तौर पर मैं सभी जिम्मेदारियों को अपने ऊपर लेता हूं। परंतु खेल स्थल हमें देर से सौंपे गए।"" अंतर्राष्ट्रीय मीडिया द्वारा हो रही आलोचना के संदर्भ में कलमाडी ने मैनचेस्टर में हुए 2002 के राष्ट्रमंडल खेलों के हालात का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ""वर्ष 2002 में मैनचेस्टर में हम एक विश्वविद्यालय में ठहरे थे। इसकी हमने कभी शिकायत नहीं की। आपने यहां के आयोजन स्थल देखे हैं। वे विश्व स्तर के हैं। मेलबर्न की तरह अच्छे हैं। खेल गांव को लेकर कुछ बातें जरूर हैं, लेकिन और चीजें बेहतरीन हैं।"" उन्होंने कहा, ""खेल गांव के कुछ आवासों को लेकर समस्याएं हैं। यहां सफाई काम किया जा रहा है। हम अपनी ओर से भरपूर कोशिश कर रहे हैं। आप मुझसे खेलों के बाद बात कीजिएगा। खेलों में अभी भी आठ दिन बाकी हैं।
"" कलमाडी ने कहा कि खेल गांव के आवासीय परिसर की अधूरी तैयारियों के लिए सीजीओसी जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने खेलों के दौरान पूरी सुरक्षा का भरोसा दिलाया। सुरक्षा बंदोबस्त के बारे में दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ""खेलगांव और खेल परिसरों की ओर जाने वाले रास्तों की ƒोरेबंदी कर दी गई है।"" पुलिस अधिकारी ने कहा कि खेल परिसरों पर आसमान से नजर रखने के लिए और किसी भी संभावित हवाई हमले से रक्षा के लिए मानवरहित हवाई वाहन (यूएवी) को तैनात कर दिया गया है। स्टेडियमों में और उसके चारों ओर वर्दी और सादी वर्दी में लगभग 85,000 पुलिस कर्मी और 20,000 अर्धसैन्य कमाडों तैनात रहेंगे। इसी संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए फेनेल ने कहा, ""भारत की छवि धूमिल हुई है। लोग पूछ रहे हैं "क्या हमें भारत आना चाहिएक्" भारत सबसे ब़डा राष्ट्रमंडल देश है। उम्मीद है कि इससे भारत ने सबक लिया होगा। हमने भी भारत जैसे देश के साथ काम करके काफी कुछ सीखा है।"" उन्होंने कहा, ""हम सभी को कमियों की जिम्मेदारी लेनी है। सभी चीजें दुरूस्त हों, इसके लिए हम सब मिलकर काम करेंगे। हम सभी समस्याओं से उबर रहे हैं। अब हमें जरूरी और सही कदम उठाने होंगे।
"" फेनेल ने कहा, ""मैं इस बात से खुश हूं कि खेल गांव में काम काफी हद तक पूरा हो गया है। कई जगहों पर अभी काम बाकी है। आशा है कि तीन अक्टूबर को उद्धाटन समारोह से पहले बाकी के काम भी पूरे कर लिए जाएंगे।"" उन्होंने कहा, ""पहली बार जब मैं खेल गांव गया था तो वहां की हालत बेहद खराब थी। वह जगह रहने लायक नहीं थी। परंतु अब हालात काफी सुधर गए हैं। कुछ काम शेष हैं लेकिन उम्मीद है कि ये भी पूरे हो जाएंगे। खेल आयोजन से जु़डे लोग काम में तेजी से जुटे हुए हैं।"" फेनेल ने कहा, ""मुझे इस बात की खुशी है कि जो देश यहां आने को लेकर हिचकिचाहट दिखा रहे थे, उनकी ओर से भी अब सकारात्मक संकेत आ रहे हैं। आशा करते हैं कि सभी इन खेलों में सभी शिकरत करेंगे और इन्हें सफल बनाएंगे। हमें उम्मीद है कि सुरक्षा एवं अन्य सभी चिंताओं को समय रहते दूर कर लिया जाएगा।
"" फेनेल ने खेल गांव में लजीज पकवानों और वहां के खाने-पीने से जु़डी सुविधाओं की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ""मैंने गुरूवार रात खेल गांव में ही भोजन किया। वहां खाने की सुविधाएं शानदार हैं। यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर की हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि किसी को भी खाने को लेकर कोई शिकायत नहीं होगी।"" उधर, राष्ट्रमंडल खेलों में शिकरत करने को राजी हुए न्यूजीलैंड ने शुक्रवार रात कहा कि उसके खिल़ाडी मंगलवार से खेल गांव पहुंचना शुरू कर देंगे।
आनंद शर्मा ने कनाडाई वाणिज्य मंत्री पीटर वेन लोन के साथ मुलाकात के बाद ओटावा में मीडिया से कहा, ""भारत के साथ सम्मान से पेश न आना एक भूल होगी। क्योंकि जब व्यापार का मामला आएगा, तो किसका नुकसान होगाक्"" आयोजन समिति के प्रभारी मंत्री समूह के प्रमुख, शहरी विकास मंत्री एस.जयपाल रेड्डी ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा, ""खेल गांव के आवासों में स्वच्छता को लेकर समस्या है, लेकिन यह कोई ब़डी मुश्किल नहीं है। इस पर काम चल रहा है, जल्दी ही इस समस्या को दूर कर लिया जाएगा।"" उन्होंने कहा, ""मुझे विश्वास है कि राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन बेहद सफल रहेगा और इसके लिए हम सभी प्रयास कर रहे हैं।"" इस बीच खबर आई है कि स्कॉटलैंड के सैक़डों खिलाç़डयों और अधिकारियों का दल शनिवार को नई दिल्ली के लिए रवाना हो रहा है। खेलों में स्कॉटलैंड के खिलाçडयों के हिस्सा लेने को लेकर अभी तक संदेह बना हुआ था।
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राष्ट्रमंडल खेल : अंतत: कलमाडी ने ली जिम्मेदारी, सुरक्षा तैयारी पूरी











