चण्डीगढ़। देश की मात्र दो प्रतिशत आबादी इस छोटे-से राज्य हरियाण में निवास करती है लेकिन राष्ट्रमंडल खेलों में प्राप्त कुल 101 पदकों में हरियाणा की हिस्सेदारी एक-चौथाई से भी अधिक है। खेलों में हिस्सा लेने वाली टीम में हरियाणा से सर्वाधिक 52 खिल़ाडी थे और इन खिलाडियों ने 28 पदक हासिल किए। इनमें 15 स्वर्ण पदक शामिल हैं जबकि भारत ने इन खेलों में कुल 38 स्वर्ण पदक हासिल किए हैं।
हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कहा, ""हरियाणा के खिलाडियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। वे देश और राज्य के लिए पदक लाए हैं। हम उन्हें शुभकामनाएं देते हैं कि आने वाले अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों में भी वे अच्छा प्रदर्शन करें।"" ज्ञात हो कि जब खेल अपने समापन की ओर था, तो तब राज्य के दो खिलाç़डयों ने देश को पदक तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन खिलाडियों में मुक्केबाज मनोज कुमार और परमजीत समोता हैं। देश की झोली में अंतिम स्वर्ण डालने वाली सायना नेहवाल भी हरियाणा के हिसार कस्बे में पैदा हुई हैं, लेकिन इस समय वह अपने परिवार के साथ हैदराबाद में रहती हैं। भारत की झोली में 38वां स्वर्ण आते ही देश दूसरे स्थान पर पहुंच गया और इंग्लैंड 37 स्वर्ण के साथ तीसरे स्थान पर आ गया। यही नहीं रजत पदक हासिल करने वाली हॉकी टीम में भी हरियाणा के चार खिल़ाडी थे। फरीदाबाद की अनीसा सैयद और करनाल की हरप्रीत सिंह ने निशानेबाजी में दो-दो स्वर्ण हासिल किया। गीता (55 किलोग्राम) और बबिता (51 किलोग्राम) ने महिलाओं की कुश्ती में क्रमश: स्वर्ण और रजत पदक जीता। दोनों सगी बहनें भिवानी जिले की रहने वाली हैं और पहलवानों के परिवार से हैं। एक और महिला पहलवान अनिता ने 67 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण जीता है। वे भी हरियाणा से ही हैं। इसके अलावा हरियाणा के चार खिलाडियों ने पुरूषों की ग्रीको-रोमन कुश्ती में स्वर्ण जीता। डिस्कस थ्रो में स्वर्ण जीत कर एथेलेटिक्स में भारत को पहला स्वर्ण दिला कर 52 वर्षो का रिकॉर्ड तो़डने वाली कृष्णा पूनिया आज भले ही शादी के बाद प़डोसी राज्य राजस्थान में रहती हैं, लेकिन उनका जन्म और परवरिश हरियाणा में ही हुआ है। यही नहीं पूनिया के अलावा डिस्कस थ्रो स्पर्धा का रजत और कांस्य पदक जीतने वाली हरवंत कौर और सीमा अंतिल भी हरियाणा से ही हैं। हरियाणा के खेल मंत्री गोपाल कांडा ने यहां कहा, ""हरियाणा एक छोटा-सा राज्य है, जहां देश की मात्र दो प्रतिशत आबादी निवास करती है, लेकिन यहां के खिलाडियों ने राष्ट्रमंडल खेलों में 15 स्वर्ण पदक जीता है। मुख्यमंत्री द्वारा खिलाडियों का हौसला आफजाई करने से उनके प्रदर्शन में निखार आया है।"" रजत पदक जीतने वाली हॉकी टीम में संदीप सिंह, सरदारा सिंह, मनदीप सिंह और भरत जैसे चार खिल़ाडी हरियाणा से थे। यद्यपि स्वर्ण विजेता सायना नेहवाल और सुशील कुमार हरियाणा का प्रतिनिधित्व नहीं करते, फिर भी हुड्डा सरकार ने बीजिंग ओलम्पिक 2008 में उनके अच्छे प्रदर्शन के बाद दोनों को 25-25 लाख रूपये का नकद पुरस्कार दिया था। एक अधिकारी ने कहा, ""सायना हरियाणा की बेटी हैं, जबकि सुशील राज्य के भांजे हैं।""





















