नई दिल्ली। तीन से 14 अक्टूबर तक होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के मद्देनजर आयोजन समिति के सहयोग से वायु गुणवत्ता, पूर्वानुमान एवं शोध (सफर) ने केंद्र सरकार के भूगर्भ और विज्ञान मंत्रालय के साथ एक योजना को कार्यान्वित किया गया है। इसे देश की मौसम सुविधाओं में अतिरिक्त तकनीक के तौर पर जो़डा गया है।
आयोजन समिति इस बात से पूरी तरह से वाकिफ है कि यह खेल आयोजन दिल्ली के पर्यावरण पर एक सकारात्मक प्रभाव डालेंगे। इस वजह से पर्यावरण मुद्दों और योजनाओं को भारत सरकार के साथ आगे बढ़ाने के सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। अच्छे स्वास्थ्य के लिए स्वस्थ्य हवा को बुनियादी जरूरत माना जाता है। वायु गुणवत्ता और मौसम प्रभाव खेल के अन्य पहलू हैं। मौसम की पहले से जानकारी आयोजकों, मैनेजरों और एथलीटों की तैयारियों में सुविधा पहुंचाने में काफी मदद करेगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य आम लोगों के बीच हवा गुणवत्ता को लेकर जागरूकता पैदा करना है। भूगर्भ एवं विज्ञान मंत्रालय ने इसके लिए 11 "एअर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन" और 35 "ऑटोमेटिक वेदर" उपकरण लगा दिए हैं जिनमें जीपीएस सोनेद ऑब्जर्वेशन और डॉप्लर वेदर रडार भी शामिल हैं। यह पहली बार है जब भारत वायु गुणवत्ता भविष्यवाणी प्रणाली का उपयोग कर रहा है। नई दिल्ली पहला शहर होगा जो कि ओजोन, नाइट्रोजन ऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, बेंजीन, टोल्यूनि और ब्लैककार्बन की पहले से जानकारी देगा। अब भारत को नाम उन चंद विकासशील देशों में शामिल कर लिया गया है जो वातावरण विश्लेषण में इस तरह का मुकाम हासिल है। मंत्रालय ने पुख्ता इंतजाम किए हैं कि दिल्ली के अलग अलग इलाकों के स्टेडियम में पहले से ही हवा गुणवत्ता और मौसम की जानकारी प्राप्त हो सके। इस प्रणाली को को मंत्रालय के सचिव शैलेश नायक ने राष्ट्र को समर्पित किया। इस परियोजना में चार घटक शामिल किए गए हैं- 1 - राष्ट्रीय राजधानी क्षे़त्र के लिए वायु प्रदूषण का उत्सर्जन सूची का विकास और भारत के लिए वायु गुणवत्ता को परिभाषित करना। 2 - वास्तविक समय वायु गुणवत्ता की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए 11 वायु गुणवत्ता मॉनीटरिंग स्टेशन स्थापित करना। यह 11 अलग अलग ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन में स्थापित होंगे। 3 - थ्री-डी वायुमंडलीय रसायन मॉडल मौसम भविष्यवाणी मॉडल के साथ मिलकर चौबीस घंटे पहले वायु प्रदूषण स्तर और अन्य पहलुओं की जानकारी देना। 4- आम लोगों की सुविधा के लिए दिल्ली के अलग अलग मुख्य इलाकों में एलईडी और एलसीडी स्क्रीन पर इससे संबंधित सभी तरह की जानकारियां उपलब्ध कराना।











