लंदन। जलवायु परिवर्तन के कारण ब़डे पैमाने पर फसलों का खराब होना अब आम बात होती जा रही है इससे खाद्य पदार्थो की कीमतों में वृद्धि हो रही है। तापमान में वृद्धि के कारण इन गर्मियों में रूस में गेहूं संकट जैसी स्थितियां बनीं इससे खाद्यान्नों की कीमतों में वृद्धि हुई। लीड्स विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं और मौसम विभाग के अधिकारियों ने यह बात कही।
शोध पत्र "एनवायरनमेंट रिसर्च लैटर" के मुताबिक वैज्ञानिकों का कहना है कि तापमान बढ़ने से फसल समय से पहले पक जाती है इससे उत्पादकता घटती है। इस शोध के लेखक ब्रिटेन के लीड्स विश्वविद्यालय के शोधकर्ता एंडी चैलिनर ने कहा, ""अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के महत्व के कारण फसल खराब होने का दुनिया के सभी लोगों पर असर प़डता है। इसका नुकसान केवल फसल उगाने वाले क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहता।"" उन्होंने कहा, ""अगले कुछ बरसों में जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम को लेकर और ज्यादा खराब स्थितियां पैदा हो सकती हैं इनसे और ज्यादा फसलों को नुकसान होगा। हमें इस समस्या का समाधान ढूढने की जरूरत है।""
भारत समाचार
बढ़ सकती हैं खाद्य पदार्थो की कीमतें





















