नई दिल्ली। केन्द्रीय वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने बुधवार को कहा कि एक अपे्रल 2011 से दो तरह के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू किए जा सकते हैं। सरकार ने अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के अंतर्गत जीएसटी लागू करने के पहले साल त्रिस्तरीय कर संरचना का प्रस्ताव दिया है।
इस व्यवस्था के अंतर्गत जरूरी सामानों पर जीएसटी की दर छह प्रतिशत, अन्य वस्तुओं पर 10 और सेवाओं पर आठ प्रतिशत रखने का प्रस्ताव है। इसी तरीके से राज्य सरकारें भी कर लगाएगी इस तरह विभिन्न वस्तुओं पर लगने वाला कुल कर 20 फीसदी तक पहुंच जाएगा। राज्यों के बीच सहमति नहीं बन पाने के कारण वित्त मंत्री ने जीएसटी लागू करने की तारीख 1 अप्रैल 2010 के बजाय 1 अप्रैल 2011 कर दी थी। उन्होंने कहा, इससे यह सुनिश्चित होगा कि जीएसटी लागू होने के बाद पहले साल में केन्द्र और राज्य के लिए दरें 12 से 20 फीसदी के दायरे में ही रहेगी। अधिकतम प्रभावी दर 15 फीसदी होगी, जो व्यापार और उद्योग को भी स्वीकार्य होगी। इसके बाद यह 16 से 18 फीसदी के दायरे में जाएंगी, जिसमें प्रभावी दर 12 फीसदी होगी। प्रदेश के वित्त मंत्रियों के अधिकारिक समूह की बैठक में मुखर्जी ने कहा कि सेवाओं पर कर की दर आठ प्रतिशत रहेगी।
भारत समाचार
जीएसटी दरों की घोषणा











