हैदराबाद। गुंटूर और विजयव़ाडा के बीच आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय की पीठ बनाए जाने की मांग को लेकर वकीलों ने अपना आंदोलन बुधवार को तेज कर दिया। वकीलों ने गुंटूर जिले में बंद रखा। वकीलों की ओर से किए गए बंद के आह्वान को सभी राजनीतिक पार्टियों का समर्थन मिला। इस दौरान गुंटूर जिले और अन्य ब़डे कस्बों में दुकानें, व्यावसायिक प्रातिष्ठान, शैक्षिक संस्थान बंद रहे और स़डकों पर कम वाहन दिखाई दिए।
"ज्वाइंट एक्शन कमेटी" (जीएसी) के बैनर तले वकीलों ने गुंटूर, बापातला, नारसाराओपेत और अन्य कस्बों में लोगों से बंद को सफल बनाने का अनुरोध किया।
प्रदर्शनकारियों ने आंध्र प्रदेश राज्य स़डक परिवहन निगम (एपीएसआरटीसी) और निजी संचालकों की कुछ बसों को रोक दिया। बंद को छात्र संगठनों का भी समर्थन मिला। नागार्जुन विश्वविद्यालय के छात्रों ने उच्चा न्यायालय की पीठ की मांग करते हुए कक्षाओं का बहिष्कार किया।
गुंटूर और विजयव़ाडा के वकील उच्च न्यायालय की पीठ की मांग को लेकर पिछले एक महीने से न्यायालय का बहिष्कार और भूख ह़डताल कर रहे हैं। विजयव़ाडा से गुंटूर 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
जीएसी के संयोजक और गुंटूर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डी. सैमुअल जॉन ने पत्रकारों को बताया कि यदि सरकार उनकी मांग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं देती है तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे।
उन्होंने बताया, ""उच्चा न्यायालय की पीठ बन जाने से उच्च न्यायालय में लम्बित मुकदमों में तेजी से कमी आएगी और तटीय आंध्र के लोगों को उनके घर के नजदीक न्याय मिल सकेगा।"" उधर, कानून मंत्री मोपीदेवी व्यंकट रमाना ने आंदोलनकारी वकीलों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनकी मांग पर केंद्र सरकार से बात करेगी।
भारत समाचार
उच्च न्यायालय की पीठ के लिए गुंटूर में बंद











