नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रमंडल खेल-2010 की तैयारियों के दौरान कथित भ्रष्टाचार की जांच कराने से जु़डी दो याचिकाएं बुधवार को खारिज कर दीं।
न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि सरकारी समिति पहले से ही इस मामले की जांच कर रही है। पहली याचिका भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी अरूण भाटिया ने दायर की थी जबकि दूसरी याचिका वकील अजय अग्रवाल की ओर से 29 सितंबर को दायर की गई थी। भाटिया ने तीन से 14 अक्टूबर तक आयोजित इन खेलों की तैयारियों के दौरान कोष में कथित हेरफेर की जांच कराने की मांग की थी। दूसरी ओर, अग्रवाल ने एक लाख रूपये से अधिक के ठेकों, खर्चो और अन्य कार्यो को लेकर जांच कराने की मांग की थी। अग्रवाल ने सभी खर्चो का ऑडिट कराने का अनुरोध किया था। अग्रवाल ने अपनी याचिका के माध्यम से इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी। साथ ही साथ उन्होंने कथित भ्रष्टाचार के इस ब़डे मामले में आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी, कैबिनेट सचिव, खेल मंत्री और यहां तक की सीबीआई को तलब करने की मांग की थी। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायाधीश मनमोहन ने कहा कि याचिकाकर्ता इस मामले की जांच में जुटी समिति के सामने सबूत पेश कर सकते हैं। वैसे न्यायालय ने मेहरा और अग्रवाल को सरकारी समिति की जांच के बाद न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की अनुमति दे दी है।











