नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने मंगलवार को कहा कि थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पूर्व के महीने 9.78 प्रतिशत से घट कर अगस्त महीने में 8.51 प्रतिशत हो गया। मुखर्जी ने कहा कि लेकिन इस गिरावट से संतुष्ट होने की जरूरत नहीं है और सरकार महंगाई के रूख पर नियंत्रण के लिए चौकस बनी रहेगी।
मुखर्जी ने एक बयान में कहा, ""हालांकि महंगाई में गिरावट संतोष का एक कारण है, लेकिन मैं महंगाई के स्तर से अभी भी संतुष्ट नहीं हूं और इसे और नीचे लाने के लिए लगातार काम करता रहूंगा।"" मुखर्जी ने कहा कि कुछ उपभोक्ता वस्तुओं, खासतौर से गेहूं की कीमतें अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बढ़त की ओर रूख की हुई हैं, जिसका असर भारत पर भी पडे़गा। ज्ञात हो कि रूस और यूके्रन में गेहूं के उत्पादन में गिरावट के कारण इसकी कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। मुखर्जी ने कहा, ""हमें लगातार सजग रहना चाहिए और वित्तीय व मौद्रिक नीति के औजारों के साथ हमेशा तैयार रहना चाहिए ताकि जरूरत प़डने पर उनका इस्तेमाल किया जा सके।"" वाणिज्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी आंक़डे के अनुसार अगस्त में महंगाई में 1.27 प्रतिशत की गिरावट आई है। जुलाई महीने में महंगाई का प्रतिशत 9.78 था, जबकि अगस्त में यह घट कर 8.51 प्रतिशत पर आ गया।
भारत समाचार
महंगाई में गिरावट से संतुष्ट होने की जरूरत नहीं : मुखर्जी











