नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव की याचिका पर पहली फरवरी, 2011 से दो दिनों की अंतिम सुनवाई शुरू होगी। यादव ने अवैध तरीके से सम्पत्ति जमा करने के खिलाफ दर्ज एक शिकायत की संघीय जांच कराए जाने सम्बंधी अदालत के निर्देश की समीक्षा किए जाने हेतु याचिका दायर की थी।
संक्षिप्त सुनवाई के बाद सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अल्तमस कबीर और न्यायमूर्ति एच. एल. दत्तू की पीठ ने कहा कि याचिका पर बहस दोनों दिनों भोजनावकाश के बाद होगी। मुलायम, उनके दोनों बेटों अखिलेश यादव व प्रतीक यादव तथा बहू डिम्पल यादव ने पहली मार्च, 2007 के अदालत के उस आदेश की समीक्षा किए जाने को लेकर सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है, जिसमें उसने विश्वनाथ चतुर्वेदी की शिकायत पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को प्राथमिक जांच करने का आदेश दिया था। चतुर्वेदी ने यादव परिवार पर आय से अधिक सम्पत्ति जमा करने का आरोप लगाया है। यादव ने अपनी याचिका में कहा है कि अदालत सीबीआई जांच का न तो आदेश दे सकती है और न तो यह उसके अधिकार क्षेत्र में ही आता है। लेकिन महान्यायवादी जी. वाहनवती ने अदालत में कहा कि यह मुद्दा सर्वोच्चा न्यायालय की संविधान पीठ द्वारा 17 फरवरी, 2010 के उसके फैसले में ही तय हो गया था। संविधान पीठ ने कहा था कि सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों को यह अधिकार है कि वे सीबीआई जांच का आदेश दे सकते हैं।
भारत समाचार
अवैध सम्पत्ति : मुलायम की याचिका पर दो दिनों की अंतिम सुनवाई 1 फरवरी को











