क्वांगचो (चीन)। चीन के दक्षिण शहर क्वांगचो में 16वें एशियाई खेलों का शुक्रवार को भव्य तरीके से शुभारंभ हुआ, जिसे देखकर दुनिया दंग रह गई। लेजर किरणों ने अनोखी रूपाकृति पेश की। चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने खेलों की शुरूआत की घोषणा की। निशानेबाज गगन नारंग ने भारतीय ध्वजवाहक की भूमिका निभाई। दो साल पहले बीजिंग ओलंपिक का सफल आयोजन करने वाले चीन ने एशियाई खेलों का उद्घाटन समारोह इस बार परंपरा से हटकर किया।
खेलों के इतिहास में यह पहला मौका है जब उद्घाटन समारोह किसी स्टेडियम के बजाए किसी द्वीप के नदी तट पर किया गया। वर्ष 1990 के बीजिंग एशियाई खेलों के बाद चीन को यह अहसास हो गया कि वह खेलों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर सकता है। तब से वह ब़डे खेलों का आयोजन करने में जुटा है। पंद्रह दिनों तक चलने वाले इस 16वें एशियाई खेलों में 45 देशों के 9,704 खिल़ाडी हिस्सा ले रहे हैं। वर्ष 1951 में दिल्ली में हुए पहले एशियाई खेलों के बाद पहली बार इसमें 42 खेलों को शामिल किया गया है। दोहा में आयोजित पिछले एशियाई खेलों में चीन ने 165 पदक जीतकर पहला स्थान हासिल किया था। खेलों का आयोजन हैझिनशा द्वीप पर किया जा रहा है। पर्ल नदी यहां के `ांगचो शहर से होकर बहती है। जल पर आधारित समारोह ने दक्षिणी चीनी संस्कृति परंपरा का शानदार प्रदर्शन किया।
इस दौरान 45 देशों के खिल़ाडी और अधिकारी नाव से पर्ल नदी को पार करते हुए आयोजन स्थल पर पहुंचे। फूलों के नाम से मशहूर क्वांगचो में समारोह की शुरूआत भव्य आतिशबाजी के साथ हुई। पानी की लहरों, विशाल स्क्रिन पर प्रौद्योगिकी के अद्भुत प्रदर्शन ने उद्घाटन समारोह को यादगार बना दिया। चीनी कलाकारों ने पानी के अंदर लयबद्ध तैराकी और पानी के लहरों पर शानदार प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिकारी और खिल़ाडी "व्हाइट स्वान बे" से नाव पर सवार होकर परेड में निकले। नाव से 77 मिनट की सवारी के दौरान प्रतिभागियों और अधिकारियों को न केवल द्वीप का खूबसूरत नजारा देखने को मिला बल्कि क्वांगचो की संस्कृति और नदी के किनारे अनोखी जीवन श्ौली को समझने का भी मौका मिला।
पर्ल नदी पर अधिकारियों और खिलाç़डयों के परेड में प्राकृतिक और शहरी जीवन की झलक मिली। वाद्य यंत्रों की गुंज, शेर नृत्य, क्वांगचो शहर की शिगूयान संस्कृति, स्थानीय शादी में निभाए जाने वाले रीति-रिवाज, चित्रकला के नमूने देखने को मिले। इस बार चीन ने एशियाई खेलों में 977 खिलाç़डयों और प्रतिनिधियों का भारी भरकम दल उतारा है। उद्घाटन समारोह में भारत की ओर से निशानेबाज गगन नारंग ने ध्वजवाहक की भूमिका निभाई। स्टार निशानेबाज गगन नारंग पांचवें ऎसे निशानेबाज बन गए हैं जिन्होंने एशियाई खेलों या इससे ब़डे खेल आयोजन में देश की ओर से उद्घाटन समारोह में ध्वजवाहक की भूमिका निभाई है। शनिवार को नारंग को दस मीटर की व्यक्तिगत और समूह स्पर्धा में शामिल होना है। विश्व के चौथे नंबर के खिल़ाडी नारंग ने पिछले महीने नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में चार स्वर्ण पदक जीते थे। नारंग ने कहा, "" राष्ट्रीय ध्वज को थामने से मुझे गर्व महसूस हो रहा है। मैं एशियाई खेलों में उम्मीदों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करूंगा।"" उल्लेखनीय है कि इससे पहले राष्ट्रमंडल 2010 में बीजिंग ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा ने यह भूमिका निभाई थी। बिंद्रा के अलावा 1982 एशियाई खेलों में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाले निशानेबाज स्वर्गीय कर्णी सिंह, 1998 में विश्व चैंपियन निशानेबाज जसपाल राणा और एथेंस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले निशानेबाज राज्यवर्धन सिंह राठौर ने 2006 मेलबर्न राष्ट्रमंडल खेलों और 2008 बीजिंग ओलंपिक में ध्वजवाहक बन चुके हैं। उल्लेखनीय है कि क्वांगचो में 12 से 27 नवंबर तक एशियाई खेलों का आयोजन हो रहा है।
भारत समाचार
एशियाड 2010 : उद्घाटन समारोह देख दंग हुई दुनिया











