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भारत समाचार

मिसाइल रोधी प्रणाली का फिर परीक्षण जून में

बेंगलुरू। किसी मिसाइल हमले को रोकने और उन्हें नष्ट करने के लिए बैलिस्टिक मिसाइल रोधी प्रणाली का परीक्षण अब फिर से जून महीने में किया जाएगा। इससे पहले मार्च में किया गया ऎसा परीक्षण विफल हो गया था।
रक्षा अनुसंधान संगठन (डीआरडीओ) के महानिदेशक बीके सारस्वत ने यहां कहा, हम दुश्मन की ओर से छो़डे गए मध्यम या लंबी दूरी की मिसाइलों के मुकाबले के लिए बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा कवच निर्मित करने के लिए जून में मिसाइल रोधी प्रणाली का फिर से परीक्षण करेंगे। उन्होंने माना कि इसके पहले 15 मार्च को उ़डीसा के व्हीलर द्वीप में एकीकृत परीक्षण केंद्र में किया गया परीक्षण विफल हो गया था। इसकी वजह परीक्षण में शामिल दो रॉकेटों में से एक का लक्ष्य से चूक जाना थी। उन्होंने बताया कि इस घटना की जांच से पता चला है कि प्रणाली ने काम नहीं किया था और ईंधन लीक होने के कारण लक्ष्य चूक गया था।
सारस्वत ने यहां एक कार्यक्रम के अवसर पर कहा, इसके पहले के परीक्षण के विश्लेषण से यह बात सामने आई है कि लक्षित मिसाइल में एक लीकेज था, जिसके कारण प्रणाली फेल हो गई। हम इसमें सुधार कर रहे हैं ताकि जून में होने वाले अगले परीक्षण के दौरान यह लक्ष्य को भेद दे और इसी के साथ किसी विरोधी पक्ष की ओर से दागी गई मिसाइल के खिलाफ मिसाइल रक्षा कवच विकसित करने में हमारी क्षमता स्थापित हो जाए।

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