मुंबई। मुंबई पुलिस और आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) दिल्ली में जामा मस्जिद के सामने गोलीबारी के बाद ईमेल करके हमले की जिम्मेदारी लेने वाले व्यक्ति की तलाश कर रही है। यह ईमेल एक महिला द्वारा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लिए गए मोबाइल कनेक्शन से किया गया था।
एक विदेशी समाचार संगठन को भेजे गए ईमेल के लिए टाटा कंपनी के सिमकार्ड का उपयोग किया गया था। रविवार को जामा मस्जिद के सामने पर्यटक बस पर किए गए इस हमले में दो ताईवानी नागरिक घायल हो गए थे। पुलिस ने मुंबई के पश्चिमी उपनगर के एक पते पर छापेमारी की लेकिन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इस सिम कार्ड का उपयोग करने वाले व्यक्ति का कोई सुराग नहीं मिल सका। सोमवार को देर शाम दिल्ली पुलिस ने इस बात की पुष्टि की इंडियन मुजाहिद्दीन के ईमेल से जो इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) एड्रेस मिला है वह मुंबई के एक कम्प्यूटर का है। मुंबई पुलिस की अपराध शाखा और एटीएस संयुक्त रूप से ईमेल भेजने वाले व्यक्ति की तलाश कर रही हैं लेकिन इस प्रयास में उन्हें अब तक कोई सफलता नहीं मिली है। इससे पहले 26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद में हुए आतंकवादी हमले के बाद ईमेल भेजने के लिए आतंकवादियों ने एक अमेरिकी नागरिक केनेथ हेवुड के वाईफाई इंटरनेट कनेक्शन को हैक कर लिया था। जांचकर्ताओं को आशंका है कि इस बार भी आतंकियों ने मेल भेजने के लिए यही तरीका अपनाया है। सरकार मुंबई के किंग एडवर्ड मेमोरियल अस्पताल पर हमले की इंडियन मुजाहिद्दीन की धमकी जैसे अन्य मसलों को पूरी गंभीरता से ले रही है। सोमवार रात को सरकार के उच्चा अधिकारियों की बैठक में ऎसे हमलों की रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाने पर विचार किया गया। महाराष्ट्र में बुधवार को गणेश विसर्जन के कार्यक्रमों और दो दिन बाद अयोध्या मामले के फैसले को देखते हुए इस मसले का महत्व और भी बढ़ गया है।











