रांची। झारखंड में ताजा घटनाक्रम में राजनीतिक गतिरोध टूटता नजर आ रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को अपने पूर्व साझेदार झारखंड मुक्ति मोर्चा और एजेएसयू के समर्थन से राज्य में सरकार बनाने फैसला किया है। इसके लिए भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से हरी झंडी मिल गई है। झारखंड में फिलहाल राष्ट्रपति शासन है। झारखंड में भाजपा विधायक दल की बैठक में यह फैसला किया गया, जिसे पार्टी के केंद्रीय आलाकमान ने मंजूरी दे दी है। झारखंड में भाजपा के झारखंड मुक्ति मोर्चा नीत गठबंधन सरकार से समर्थन लेने के बाद से राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने हाल ही कहा था कि वह राज्य में जनप्रतिनिधित्व सरकार के गठन के लिए किसी भी राष्ट्रीय दल को समर्थन देने के लिए तैयार है। भाजपा के वरिष्ठ नेता आजय मारू ने कहा, पार्टी ने नई सरकार बनाने का फैसला किया है। अब भाजपा विधायक दल अपने नेता का चुनाव करेगा, इसके बाद हम राज्यपाल से दावा पेश करने के लिए समय मांगेंगे।
गौरतलब है कि अप्रेल में बजट सत्र के दौरान भाजपा और वामदलों की ओर से लाए गए कटौती प्रस्तावों पर झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन द्वारा खिलाफ में मत डालने के बाद आए बिखराव को पाटने के लिए दोनों दल पिछले तीन माह से प्रयास कर रहे थे। इस बीच, भाजपा प्रवक्ता संजय सेठ ने राज्य में भाजपा-नीत सरकार में अर्जुन मुंडा के मुख्यमंत्री बनने का संकेत देते हुए कहा कि विधायक दल नेता रघुवर दास अपने पद छो़ड देंगे, जबकि झामुमो प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने पत्रकारों को बताया कि उनके दल ने सरकार बनाने के लिए बिना शर्त समर्थन देने का फैसला किया है। झामुमो का यह बयान पार्टी नेता शिबू सोरेन के बेटे हेमंत सोरेन के उस बयान के अनुरूप ही है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी राज्य को फिर से खंडित जनादेश की ओर धकेल के बजाय समान विचारधारा की पार्टियों को समर्थन देने को तैयार है। झामुमो के इस बिना शर्त समर्थन दिए जाने के बयान के बाद कई भाजपा विधायक पार्टी मुख्यालय पहुंचे और इस पर बैठक की। इस बीच एजेएसयू उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने भी कहा कि उनका पांच सदस्यीय विधायक दल भाजपा की कोशिश को पूर्ण समर्थन देगा। अब भाजपा विधायक राज्यपाल से आज दोपहर 12.30 बजे मुलाकात करेंगे और सरकार गठन के संबंध में बात करेंगे।
भारत समाचार
झारखंड : भाजपा-झामुमो फिर आए साथ, भाजपा करेगी दावा पेश





















