नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढने का असर महंगाई पर दिखना शुरू हो गया है और इसके चलते जून महीने में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर बढ़कर 10.55 प्रतिशत हो गई। मई महीने में महंगाई की यह दर 10.16 प्रतिशत थी। महंगाई दर में इस वृद्धि के बाद भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्रमुख ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है। जून के आखिरी सप्ताह में पेट्रोल, डीजल, केरोसिन और रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी के केंद्र सरकार के फैसले के चलते इस महीने में ईधन की कीमतों में 14.32 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस दौरान केरोसिन की कीमत नौ प्रतिशत, ल्यूब्रीकेंट्स छह प्रतिशत, रसोई गैस तीन प्रतिशत, पेट्रोल दो प्रतिशत और उच्चा गुणवत्ता के डीजल के दाम एक प्रतिशत बढ़े हैं। हवाई ईंधन (-6 प्रतिशत), नाफ्था (-5 प्रतिशत), हल्के डीजल (-1 प्रतिशत) की कीमतों में हालांकि गिरावट आई है।
जून माह में निर्माण क्षेत्र की वस्तुओं में महंगाई की दर 0.2 प्रतिसत रही है। थोक मूल्य सूचकांक में निर्माण क्षेत्र के उत्पादों का हिस्सा 63.75 प्रतिशत है। मानसून के आगमन के चलते जून में खाद्य पदार्थो की महंगाई दर में कुछ कमी आई है। यह 16.49 प्रतिशत से घटकर 14.6 प्रतिशत हो गई है। सरकार के तमाम आश्वासनों के बावजूद संशोधित आंक़डों के मुताबिक पिछले पांच माह से महंगाई की मासिक दर 10 फीसदी से ऊपर बनी हुई है। अप्रैल माह में जारी आंक़डों में महंगाई की दर 9.59 प्रतिशत बताई गई थी लेकिन संशोधित आंक़डों में यह दर 11.23 फीसदी हो गई। ईंधन कीमतों के बाद अब धातु क्षेत्र में भी महंगाई बढ़ने के चलते भारतीय रिजर्व बैंक की 27 जुलाई को होने वाली मौद्रिक समीक्षा में ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। महंगाई दर में कमी लाने के लिए रिजर्व बैंक इस साल पहले ही तीन बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर चुका है। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा, ""मुझे लगता है कि जब जुलाई महीने के आंक़डों में ईंधन कीमतों की बढ़ोतरी का असर दिखेगा तो महंगाई दर में कुछ हल्की बढ़ोतरी दिख सकती है लेकिन इससे साल के अंत तक महंगाई दर सामान्य होने के मेरे अनुमान पर कोई असर नहीं प़डेगा।""
भारत समाचार
ईंधन मूल्यों में वृद्धि से कुछ और बढी महंगाई











