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भारत समाचार

कर्नाटक मंत्रिमंडल में फेरबदल का मामला दिल्ली पहुंचा

बेंगलुरू। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के प्रमुख के.एस. ईश्वरप्पा मंत्रिमंडल में फेरबदल के मुद्दे पर पैदा हुए मतभेद को सुलझाने के लिए रविवार को देर शाम दिल्ली के लिए रवाना हो गए। दोनों नेताओं के बीच मतभेद खत्म करने के लिए रविवार को दूसरे दिन भी बीजेपी नेताओं ने बातचीत की। बैठक में मई 2008 में बने पार्टी के पहले मंत्रालय से मंत्रियों को बाहर और शामिल करने पर चर्चा हुई। ईश्वरप्पा मंत्रालय से करीब चार मंत्रियों को हटा कर नए मंत्रियों को शामिल करने के पक्ष में हैं, जबकि मुख्यमंत्री तीन और मंत्रियों को मंत्रिमंडल में शामिल करना चाहते हैं। येदियुरप्पा और ईश्वरप्पा मंत्रिपद के इच्छुक विधायकों के भी दबाव में हैं। यहां तक कि धार्मिक नेता भी इस मामले में हस्तक्षेप कर रहे हैं। धार्मिक नेताओं के एक समूह ने रविवार को येदियुरप्पा से बेंगलुरू में मुलाकात की और चिकमगलूर जिले के एक विधायक सी.टी.रवि को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने का आग्रह किया। यही नहीं रवि के समर्थकों ने जिले के कुछ मंदिरों में उनके लिए प्रार्थना भी की। इस बीच मैसूर के वरिष्ठ नागरिकों के एक समूह ने मुख्यमंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन किया और शहर के एक विधायक शंकरलिंगे गौ़डा को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की मांग की। उधर, चार मंत्रियों के हटाए जाने की चर्चा के मद्देनजर कृषि मंत्री एस.ए.रविंद्रनाथ के समर्थक शनिवार को ही दावांगेरे जिले से येदिरूप्पा के आवास पर पहुंच गए और मांग की कि रविंद्रनाथ को मंत्रिमंडल से न हटाया जाए। उस समय येदियुरप्पा के आवास पर महत्वपूर्ण बैठक चल रही थी। अंत में येदियुरप्पा को दावांगेरे शहर के मेयर, डिप्टी मेयर और कई पार्षदों को मीडिया के समक्ष आश्वासन देना प़डा था कि रविंद्रनाथ को हटाए जाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। मंत्रिमंडल फेरबदल में केंद्रीय नेताओं के हस्तक्षेप का निर्णय तब लिया गया, जब येदियुरप्पा और ईश्वरप्पा की पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक के पदाधिकारियों के साथ दो दिनों तक चली बैठक में इस मामले का समाधान नहीं निकल पाया। ईश्वरप्पा ने शनिवार को पत्रकारों को बताया था, ""मंत्रालय से तीन या चार मंत्रियों को हटाया जा सकता है।"" उधर, मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने कहा कि मंत्रालय से किसी को बाहर करने का कोई विचार नहीं है। कर्नाटक मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री सहित 34 मंत्री हो सकते हैं क्योंकि तीन मंत्रियों द्वारा त्याग पत्र देने से मंत्रालय में तीन पद रिक्त हैं। उल्लेखनीय है कि चिकित्सा शिक्षा मंत्री रामचंद्र गौ़डा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री एच. हलप्पा, एस. एन. कृष्ण्ौया शेट्टी विभिन्न आरोपों के मद्देनजर पहले ही मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे चुके हैं। शनिवार को हुई बैठक से पार्टी के महासचिव और दक्षिण बेंगलुरू से लोकसभा सदस्य अनंत कुमार अनुपस्थित थे। इससे महासचिव और मुख्यमंत्री के बीच मतभेद बढ़ने की अटकलें लगाई जाने लगीं। राज्य इकाई के प्रमुख ईश्वरप्पा और मुख्यमंत्री ने कहा है कि वे रविवार देर शाम तक मंत्रालय में बदलाव के निर्णय पर पहुंच जाएंगे और इसे केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी के लिए भेज देंगे।  

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