नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने गुरूवार को कहा कि भारतीय स्टेट बैंक में विनिवेश की सरकार की फिलहाल कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि संसद से देश के सबसे ब़डे ऋणदाता बैंक की 49 प्रतिशत सरकारी हिस्सेदारी अनुमति लेने का मतलब यह नहीं है कि इस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
मुखर्जी ने राज्यसभा को बताया, ""भारतीय स्टेट बैंक अधिनियम में संशोधन का यह अर्थ नहीं है कि सरकार अपनी हिस्सेदारी तुरंत बेचने जा रही है।"" उन्होंने कहा कि यह विधेयक सरकार को बैंक में अधिकतम 49 प्रतिशत शेयर बेचने की अनुमति देने के लिए लाया गया है। सदन में ध्वनिमत से विधेयक पारित होने पर वित्त मंत्री ने कहा, ""किसी भी सूरत में सरकार का शेयर 51 प्रतिशत से नीचे नहीं गिरेगा, क्योंकि यह न्यूनतम वैधानिक जरूरत है।"" निचला सदन विधेयक को पहले ही पारित कर चुका है। वर्तमान में सरकार का बैंक में 59.41 प्रतिशत हिस्सेदारी है। विपक्षी सदस्य खासकर वाम दलों ने जानना चाहा कि यदि विनिवेश का इरादा नहीं है तो इस विधेयक को सदन पटल पर क्यों रखा गया। उल्लेखनीय है कि अधिनियम में संशोधन का उद्देश्य है स्टेट बैंक को अपने मौजूदा शेयरधारकों को अधिमान्य शेयर जारी करने की अनुमति प्रदान करना।
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स्टेट बैंक में विनिवेश की फिलहाल योजना नहीं : मुखर्जी





















