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भारत समाचार

10 में से केवल एक स्नातक को ही मिल पाएगी नौकरी

बेंगलुरू। देश में नौकरियों की संख्या में वृद्धि हो रही है लेकिन कंपनियों से मिल रहे संकेतों के मुताबिक अभी भी हालात बेहद खराब हैं। वर्ष 2010 में नौकरियों को लेकर हुए एक सर्वेक्षण में खुलासा हुआ है कि स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले 10 नौजवानों में से केवल एक को ही नौकरी मिल पाएगी।

मानव संसाधन सेवाएं उपलब्ध कराने वाली कंपनी मा फोई रेंडस्टैड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के. पंडिया राजन ने बुधवार को कहा, ""इस साल सभी क्षेत्रों में 10.5 लाख नौकरियों के अवसर पैदा होंगे लेकिन नौकरी चाहने वाले लोगों की संख्या इस दौरान एक करो़ड रहेगी।"" रेंडस्टैड ने देश के 13 उद्योगों की 650 कंपनियों को इस सर्वेक्षण में शामिल किया है। यह कंपनियां दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरू, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद में स्थित हैं। सर्वेक्षण में खुलासा हुआ कि वर्ष 2010 के पहले छह महीनों में 4,18,564 रोजगारों का सृजन हुआ। रंजन ने कहा, ""सर्वेक्षण में अगले तीन महीनों में 3,20,400 नए रोजगार पैदा होने का अनुमान लगाया गया है और चौथी तिमाही में भी इतने ही रोजगार निर्मित होंगे। इस साल कुल रोजगारों की संख्या 10 लाख हो जाएगी।"" सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नौकरियों के क्षेत्र में कमजोरी बनी हुई है। ±यूमन कैपिटल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी. एस. मूर्ति ने कहा, ""बाजार अभी मंदी से पहले के सामान्य स्तर पर नहीं पहुंच पाया है। नौकरियों की संख्या कम बनी हुई है और नौकरी चाहने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है।"" मूर्ति ने कहा कि यदि देश के सभी क्षेत्रों में पर्याप्त गति से विकास नहीं हुआ तो यह स्थिति अगले एक दशक तक बनी रहेगी।  

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