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भारत समाचार

सभी गांवों में बैंकिंग सुविधा सुलभ कराना चाहती है सरकार : प्रणब

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने मंगलवार को कहा कि सरकार वर्ष 2011 तक 2000 की आबादी वाले सभी गांवों में बंैकिंग सेवा उपलब्ध कराना चाहती है।
मुखर्जी ने कहा, ""मैं बैंकों से निवेदन करता हूं कि वे इस प्रक्रिया को गति दें और इस लक्ष्य को निर्धारित योजना से एक वर्ष पहले यानी 2011 तक हासिल कर लें।"" ज्ञात हो कि ग्रामीण इलाकों में केवल 37 प्रतिशत बैंक की शाखाएं हैं और देश में 40 प्रतिशत से कम आबादी के पास बैंक खाते हैं। मुखर्जी ने बैंकों से आग्रह किया कि उन्हें गांवों के गरीबों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि मात्र जीडीपी की उच्च वृद्धि बनाए रखना ही पर्याप्त नहीं है। मुखर्जी ने कहा, ""वृद्धि को समतावादी, टिकाऊं, न्यायपूर्ण और निष्पक्ष होना चाहिए। इसका फल गरीबों तक पहुंचाना है।"" वर्ष के प्रारंभ में मुखर्जी ने अपने वित्तीय समग्रता के हिस्से के रूप में 2000 तक की आबादी वाले सभी गांवों में मार्च 2012 तक बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा था। मुखर्जी बैंक ऑफ इंडिया के 105वें स्थापना दिवस के अवसर पर यहां आयोजित एक कार्यक्रम में बैंकरों, अधिकारियों और ग्राहकों को संबोधित कर रहे थे। मुखर्जी ने कहा कि हमारे अस्तित्व की रक्षा और समृद्धि के लिए समग्र विकास बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि राष्ट्रीय समृद्धि के लाभ से हमारे गरीब लोग वंचित रहते हैं तो हमारे उच्चा विकास का कोई अर्थ नहीं है। कार्यक्रम में वित्त राज्य मंत्री नमो नारायण मीणा, वित्तीय सेवा विभाग के सचिव आर. गोपालन और बैंक ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अलोक कुमार मिश्र ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

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