नई दिल्ली। सरकार ने मंहगाई दर में वृद्धि को चिंताजनक बताते हुए आज कहा कि इससे निपटने के उपाय किए जा रहे हैं लेकिन आने वाले महीनों में मुद्रास्फीति की दर 10 प्रतिशत से ऊपर भी जा सकती है। वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी ने राज्यसभा में विनियोग (लेखानुदान) विधेयक 2010 पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि मुद्रास्फीति को काबू में रखना जरूरी है। वित्तमंत्री ने आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को काबू में रखने के लिए सरकार द्वारा आपूर्ति बढाने के कदमों की जानकारी देते हुए कहा कि महंगाई पर मुख्यमंत्रियों के कोर ग्रुप की बैठक जल्दी ही बुलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति का मुकाबला जरूरी है और इसके लिए आपूर्ति के अवरोधों को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुखर्जी ने कहा कि इस समय सामान्य मुद्रास्फीति नौ प्रतिशत से ऊपर हो गई है। मार्च मेें यह दस प्रतिशत से ऊपर चली जाए तो भी आpर्य नहीं होगा। वित्तमंत्री के जवाब के बाद सदन ने आगामी वित्तवर्ष के एक भाग के लिए प्रस्तुत लेखानुदान और विनियोग विधेयक को ध्वनियमत से लोकसभा को लौटा दिया। लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है।