नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि कम आपूर्ति और भारी मांग के चलते दालों की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहेंगी लेकिन दिसंबर तक संपूर्ण महंगाई दर घटकर 5-6 प्रतिशत के स्तर पर आ जाएगी।
सीआईआई द्वारा आयोजित एक सम्मेलन के दौरान एक पत्रकार वार्ता में कैबिनेट सचिव के. एम. चंद्रशेखर ने कहा, ""जहां तक दालों का सवाल है, इनकी कीमतें सरकार के लिए समस्या बनी रहेंगी।"" उन्होंने कहा, ""दालों के मामले में मांग और आपूर्ति के बीच ब़डा अंतर बना हुआ है।"" भारत दुनिया में दालों का सबसे ब़डा उपभोक्ता और आयातक है। देश में दालों की सालाना घरेलू मांग करीब 1.5 करो़ड टन है जबकि इनका उत्पादन केवल 30 लाख टन है। उन्होंने कहा, ""हम दुनिया भर में मौजूद लगभग सारी दालों का उपभोग कर चुके। अब हम विदेशों से भी दालें नहीं खरीद सकते।"" खुदरा बाजार में खाद्यान्नों की कीमतों में कमी के सवाल पर उन्होंने कहा, ""सरकार ने चावल और गेहूं की खरीदारी बढ़ाने के लिए इनका न्यूनतम समर्थन मूल्य पहले ही बढ़ा दिया है इससे खाद्यान्नों की आपूर्ति में वृद्धि होगी।"" चीनी के संबंध में उन्होंने कहा कि कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होना चाहिए, इन्हें स्थिर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में चीनी की कीमतों में कुछ कमी आएगी वहीं खाद्य तेलों के दाम स्थिर रहेंगे। देश में 3 जुलाई को समाप्त हुए सप्ताह में खाद्य पदार्थो की महंगाई दर 12.81 प्रतिशत पर पहुंच गई। चंद्रशेखर ने कहा, ""जहां तक सब्जियों का सवाल है इनकी आपूर्ति मौसम से प्रभावित होती है। पिछले तीन से चार महीनों में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर इनका कोई खास फर्क नहीं प़डा है।"" ऊंची महंगाई दर के बारे में चंद्रशेखर ने कहा, ""खाद्य पदार्थो की कीमतें स्थिर होते ही महंगाई दर भी 5-6 प्रतिशत के सामान्य स्तर पर पहुंच जाएगी।""











