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भारत समाचार

इशरतजहां मामला: मोदी सरकार की याचिका खारिज

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार इशरतजहां और तीन अन्य के फर्जी मुठभे़ड मामले की जांच के लिए गुजरात हाईकोर्ट द्वारा विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका खारिज दी है। जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी और जस्टिस एसएस नि”ार की पीठ ने राज्य के इस तर्क को खारिज कर दिया कि राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी को जारी रखने की अनुमति दी जानी चाहिए, क्योंकि हाईकोर्ट के पास दूसरी एसआईटी गठन का अधिकार नहीं है।

पीठ ने गुजरात सरकार की विशेष अनुमति याचिका खारिज करते हुए कहा, राज्य इस तरह का आग्रह कैसे कर सकता है। अदालत अपनी शक्ति से वंचित नहीं है। असाधारण मामलों में यह ऎसा (टीम का गठन) कर सकती है। मामले में तथ्यों को देखते हुए हमें हस्तक्षेप का कोई कारण नजर नहीं आता। राज्य सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे और मुकुल रोहतगी का तर्क था कि हाईकोर्ट के पास एसआईटी के गठन का कोई अधिकार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने इशरतजहां मुठभे़ड मामले की जांच के लिए इससे पूर्व गुजरात हाईकोर्ट से एक अलग एसआईटी का गठन करने को कहा था। शीर्ष अदालत द्वारा सीबीआई निदेशक आरके राघवन के नेतृत्व में गठित एसआईटी को ओर से मामले की जांच में असमर्थता जताए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से अलग एसआईटी नियुक्त करने को कहा। लेकिन इसके जवाब में गुजरात सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अलग से एसआईटी के गठन को चुनौती दी और कहा कि जांच राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी को दी जानी चाहिए। राज्य सरकार के आग्रह पर सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व में इशरतजहां की मां शमीमा कौसर को नोटिस जारी किया था। राज्य सरकार ने 7 सितंबर, 2009 को सौंपी गई तमांग समिति की रिपोर्ट की आंशिक स्वीकारोक्ति को भी चुनौती दी थी, जिसमें मुठभे़ड को फर्जी बताया गया और इसके जिम्मेदार अधिकारियों पर मुकदमा चलाने को कहा गया।

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