मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को कहा कि महंगाई के थमने तक देश की मौद्रिक नीति को कठोर बनाए रखने की जरूरत है।
आरबीआई के इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि मंगलवार को जारी होने वाली अर्थव्यवस्था की तिमाही समीक्षा में प्रमुख दरों में बढ़ोतरी की जा सकती है। "व्यापक अर्थव्यवस्था और मौद्रिक विकास : प्रथम तिमाही रिपोर्ट 2010-11" में बैंक ने कहा है, ""उच्चा मुद्रास्फीति के कारण समेकित विकास के सामने पैदा खतरों को देखते हुए अक्टूबर 2009 से शुरू मौद्रिक क़डाई महंगाई के नियंत्रित होने तक जारी रहेगी।""
यह दस्तावेज पहली तिमाही मौद्रिक समीक्षा का आधार है। यदि मंगलवार को प्रमुख दरों में वृद्धि की जाती है तो इस साल जनवरी के बाद यह लगातार चौथी वृद्धि होगी। शीर्ष बैंक ने 29 जनवरी और 19 मार्च को मौद्रिक दरों में संशोधन किया था। आंक़डों के मुताबिक जून माह में महंगाई की दर 10.55 फीसदी थी जबकि ताजा आंक़डों के मुताबिक खाद्य महंगाई दर 12 फसदी को पार कर गई है।











