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भारत समाचार

उत्तर भारत में नदियां उफान पर, हरियाणा में 2 की मौत

नई दिल्ली। कई दिनों से हो रही बारिश एवं बैराजों से पानी छो़डे जाने के कारण राजधानी दिल्ली सहित समूचे उत्तर भारत में प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। हरियाणा में यमुना नदी के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण पानीपत और यमुनानगर जिलों के 120 से अधिक गांवों में बाढ़ आ गई है। पानीपत में दो युवकों की मौत हो गई। दिल्ली में शनिवार को यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ने से कश्मीरी गेट के अंतर्राज्यीय बस अड्डे (आईएसबीटी) सहित शहर के पूर्वी और उत्तरी हिस्से सहित में पानी भर गया। हरियाणा के हथनी कुंड बैराज से अधिक पानी छो़डे जाने की वजह से नदी उफान पर है। हरियाणा के पानीपत जिले के सनौली गांव में शुक्रवार को यमुना के तेज बहाव में 15 वर्षीय रोहित और 20 साल का सुनील बह गए। दोनों की मौत हो गई। एक अधिकारी ने शनिवार को दोनों की मौत की पुष्टि की। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया, ""यमुनानगर के 100 से अधिक और पानीपत के 20 गांव बुरी तरह से बाढ़ की चपेट में हैं। कई मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और सैक़डों लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।""
उन्होंने बताया, ""बाढ़ पीडितों को डिब्बा बंद भोजन और पानी मुहैया कराया गया है।"" बाढ़ के पानी से फरीदाबाद, करनाल, सोनीपत, भिवानी और झ”ार जिले के गांव भी प्रभावित हुए हैं। पानीपत जिले के उपायुक्त जे.एस. अहलावत ने आईएएनएस को बताया, ""यमुना के तटबंध में शुक्रवार को आई दो दरारों को पाटने की कोशिश चल रही है। प्रशासन हालात पर लगातार निगरानी रखे हुए है।""
उन्होंने बताया कि शुक्रवार शाम से यमुना के पानी में कमी आनी शुरू हो गई है। यमुनानगर जिले के हथिनी कुंड बैराज से शुक्रवार को यमुना में एक लाख से अधिक क्यूसेक पानी छो़डा गया। पंजाब स्थित भाखडा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने बांध के जलाशय में पानी का अधिकतम स्तर 1,680 फुट कायम रखने के लिए शुक्रवार को सतलुज नदी में 10,000 क्यूसेक से अधिक पानी छो़डा था। भाख़डा बांध में शुक्रवार को पानी का स्तर 1,680.30 फुट तक पहुंच गया था। सतलुज नदी में पानी छो़ड जाने की वजह से पंजाब के निचले इलाकों मसलन रोप़ड, लुधियाना, फिरोजपुर और जालंधर व आनंदपुर और कीरतपुर में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। उत्तर प्रदेश की नदियां गंगा, यमुना, रामगंगा और घाघरा के जलग्रहण क्षेत्रों पर मूसलाधार बारिश का काफी असर प़डा है। कई जिलों में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। फर्रूखाबाद में गंगा और रामगंगा के दोआब इलाके के लगभग 50 गांवों में फिर से बाढ़ का पानी घुसने लगा है। गोंडा तहसील भी बाढ़ से बंरी तरह प्रभावित है। मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में पिछले दिनों हुई बारिश ने जबलपुर के बरगी बांध (रानी अवंती सागर) को लबालब कर दिया है। इस कारण शनिवार को बांध के छह गेट खोल दिए गए हैं। बांध से निकले पानी से नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते तटीय जिलों को सतर्क कर दिया गया है। नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के मुताबिक बरगी बांध का अधिकतम जलस्तर 422 मीटर तक पानी इकट्ठा हो गया है, लिहाजा बांध से कुछ पानी निकालने के लिए 21 में से छह गेट शनिवार की शाम खोल दिए गए। इस कारण नर्मदा नदी और अन्य सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के कार्यपालक अभियंता एम. एल. अहिरवार ने बताया कि जबलपुर सहित नर्मदा नदी के तट पर बसे नरसिंहपुर, रायसेन, होशंगाबाद, देवास, हरदा, सीहोर, खंडवा व ब़डवानी जिलों के प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है।
उधर, अरूणाचल प्रदेश में हफ्ते भर से मूसलाधार बारिश हो रही है। बाढ़ और भूस्खलन से राज्य के विभिन्न हिस्सों में सार्वजनिक संपत्ति एवं फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। अपरसियांग जिले के मोसिंगाम में गुरूवार को बादल फटने से आठ लोगों की मौत हो गई थी। राजधानी इटानगर और महालोगन के निचले इलाकों में पानी भर गया है।

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