कोलकाता। वर्ष 2012-13 से लागू होने वाली प्रत्यक्ष कर संहिता में सरकार मुनाफा आधारित कर रियायतों को हटाकर 55,000 करो़ड रूपये की आय को कर दायरे में लाने की योजना बना रही है। राजस्व सचिव सुनील मित्रा ने शनिवार को यह बात कही। साथ ही नई कर संहिता में कर दरें कम होने से सरकार को कर राजस्व में 53,172 करो़ड रूपये का नुकसान होगा।
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित एक सम्मेलन के दौरान मित्रा ने कहा, ""हम प्रत्यक्ष कर संहिता में मुनाफे आधारित कर छूटों को हटाएंगे लेकिन निवेश आधारित कर छूटें जारी रहेंगी।"" निवेश आधारित और मुनाफा आधारित कर छूटों के कारण सरकार को हर साल 80,000 करो़ड रूपये का नुकसान हो रहा है। मित्रा ने कहा कि वर्ष 2010-11 के पहले पहले महीनों में सरकार के अप्रत्यक्ष कर संग्रह में 45 प्रतिशत और प्रत्यक्ष कर संग्रह में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।











