टोरंटो। इस साल टोरंटो फिल्मोत्सव में बॉलीवुड की मसाला फिल्मों का प्रदर्शन नहीं होगा। यहां गुरूवार से शुरू हुए 35वें टोरंटो अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (टीआईएफएफ) में यथार्थपूर्ण हिंदी फिल्में दिखाई जाएंगी। यहां इस साल प्रदर्शन के लिए बॉलीवुड की चार फिल्में चुनी गई हैं। इनमें किरण राव की "धोबी घाट", अनुराग कश्यप की "दैट गर्ल विद यलो बूट्स", आमिर बशीर की "हारूड" (शरद) और सिद्धार्थ श्रीनिवासन की "सोल ऑफ सैंड" शामिल हैं। महोत्सव के सह-निदेशक कैमरन बेली ने आईएएनएस को बताया, ""हमारे पास बॉलीवुड की ब़डी मसाला फिल्में भी आई थीं और मुझे वे भी पसंद थी लेकिन मुझे इस बार ऎसी स्वतंत्र फिल्मों की तलाश थी जो हमारे दर्शकों को प्रभावित कर सकें और इस साल हमें ऎसी चार फिल्में मिलीं जो लोगों को बता सकेंगी कि वर्तमान मुंबई और भारत में क्या हो रहा है।"" महोत्सव में दुनियाभर के 60 से ज्यादा देशों की 300 से अधिक फिल्में प्रदर्शित होंगी। महोत्सव 19 सितम्बर तक चलेगा। किरण राव के निर्देशन में बनी और आमिर खान अभिनीत "धोबी घाट" को बॉलीवुड में हाल ही में प्रदर्शित हुई स्वतंत्र फिल्मों में एक महत्वपूर्ण फिल्म माना जा रहा है।
कश्यप की फिल्म "दैट गर्ल इन यलो बूट्स" को भारत की वास्तविकता दिखाने वाली फिल्म कहा जा रहा है। कैमरन कहते हैं, """दैट गर्ल इन यलो बूट्स" संगीतप्रधान फिल्म नहीं है, यह किसी भी तरह से नाच-गाने वाली फिल्म नहीं है। यह बहुत मुश्किल फिल्म है जो मुंबई में अपने पिता को खोज रही एक ल़डकी की कहानी बयां करती है। कभी-कभी इस फिल्म को देखना थो़डा मुश्किल हो जाता है क्योंकि जब यह ल़डकी अपने पिता को खोज रही होती है तो उसे कई मुसीबतों का सामना करना प़डता है। उसके साथ कुछ गंभीर घटनाएं होती हैं।"" इन चार फिल्मों के अलावा दो और भारतीय फिल्में प्रदर्शित होंगी। इनमें किम लांगिनोट्टो की "पिंक सारीज" और ब्रिटेन की सारा मैककार्थी की "द साउंड ऑफ मुंबई" फिल्में शामिल हैं।
भारत समाचार
टोरंटो महोत्सव में यथार्थपूर्ण भारतीय फिल्में





















