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भारत समाचार

पत्रकारिता विवि विवाद पर पत्रकारों ने जताई चिंता

भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय में चल रहे विवाद को लेकर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पत्रकारों ने चिंता जताई है। साथ ही एक ज्ञापन तैयार कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से विश्वविद्यालय में चल रहे विवाद के स्थायी समाधान की मांग की है।

विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष पुष्पेंद्र पाल सिंह के खिलाफ एक महिला व्याख्याता द्वारा राज्य महिला आयोग में दर्ज कराई गई शिकायत के बाद कुलपति बी. के. कुठियाला ने सिंह को विभागाध्यक्ष पद से हटा दिया था। इस घटनाक्रम के बाद पत्रकारिता विभाग के छात्र बेमियादी ह़डताल पर चले गए हैं। उनका खुले आसमान के नीचे क्रमिक अनशन जारी है। विश्वविद्यालय में चल रहे घटनाक्रम को लेकर राजधानी के पत्रकारों ने सोमवार को बैठक बुलाई। इस बैठक में मौजूद वरिष्ठ पत्रकार और लोकमत के ब्यूरो प्रमुख शिव अनुराग पटैरिया ने कहा कि विश्वविद्यालय राजनीति का अख़ाडा बनता जा रहा है, जो चिंताजनक है। छात्र चार दिन से धूप में अनशन कर रहे हैं और विश्वविद्यालय प्रशासन इन छात्रों के प्रति नरम रवैया अपनाने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा, ""रविवार को हद तो तब हो गई जब आंदोलनरत छात्रों को विश्वविद्यालय परिसर से बाहर कर स़डक पर बैठने को मजबूर कर दिया गया। यह विश्वविद्यालय अपने सिद्घांतों से न भटके इस दिशा में कारगर पहल होनी चाहिए।"" श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष शलभ भदौरिया ने विश्वविद्यालय में चल रहे विवाद पर चिंता जताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों के प्रति सहानुभूति अपनानी चाहिए। इसके अलावा विश्वविद्यालय में आठ माह में चार आंदोलन क्यों हुए इसकी वजह जानना आवश्यक हो गया है। इस बैठक में सर्वसम्मति से एक ज्ञापन बनाकर मुख्यमंत्री से विश्वविद्यालय में व्याप्त समस्याओं के स्थायी समाधान का अनुरोध किया गया है, ताकि दोबारा ऎसी स्थिति निर्मित न हो। बैठक में द वीक के ब्यूरो प्रमुख दीपक तिवारी, देशबंधु समाचार पत्र के स्थानीय संपादक भारत शर्मा, नई दुनिया के अजय बोकिल, वरिष्ठ पत्रकार पंकज पाठक, अजीत सिंह, आत्मदीप, प्रवीण शर्मा, सरमन नगेले आदि मौजूद थे।

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